यहाँ जानिए कब से कब तक रहेगी माघ पूर्णिमा

आप सभी को बता दें कि हिंदी कैंलेंडर के महीने माघ में मनाई जाने वाली पूर्णिमा को माघ पूर्णिमा माना जाता है. ऐसे में माघ मास का नाम मघा नक्षत्र के नाम पर पड़ा है, जिसका अर्थ होता है महान. आप सभी को बता दें कि इस बार माघ पूर्णिमा पर कई बड़े संयोग बन रहे हैं और यह अवसर विशेष फलदायी, मोक्ष प्रदान करना वाला और समस्य मनोकामनाओं को पूरा करने वाला बताया गया है. इसी के साथ यह मान्यता भी है कि माघ पूर्णिमा पर पुष्य नक्षत्र हो तो इस दिन का महत्व कई गुना बढ़ जाता है.

आप सभी को बता दें कि इस बार माघ पूर्णिमा पुष्य नक्षत्र में ही मनाई जाने वाली है और इस नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहते हैं. इस नक्षत्र में किया गया दान चिरस्थायर हो जाता है और इस तिथि पर दान-पुण्य से नरक लोक से मुक्ति मिल जाती है. इसी के साथ इस बार माघ पूर्णिमा पर तीन विशेष योगों का संयोग भी बन रहा है जिनमे रूचक, बुधादित्य और कर्मजीव योग शामिल है.

ऐसे में जब चंद्रमा से केंद्र में मंगल उच्च या अपनी राशि में हों तो रूचक योग बनता है और चंद्रमा से दशम भाव में मंगल के रहने से कर्मजीव योग होता है और सूर्य व चंद्रमा के साथ रहने पर बुधादित्य योग बबन जाता है. आपको बता दें कि माघ पूर्णिमा की तिथि 18 और 19 फरवरी की मध्य रात्रि को 1.11 बजे से लगने वाली है और यह 19 फरवरी को रात 9.23 बजे तक रहने वाली है.

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