पेटलावद हादसे के बाद महू के 10 पटाखा गोदामों को किया सील

Sep 14 2015 02:55 PM
पेटलावद हादसे के बाद महू के 10 पटाखा गोदामों को किया सील

इंदौर, महू। मध्यप्रदेश के पेटलावद में जिस तरह से डेटोनेटर व जिलेटिन की छड़ी के भयंकर विस्फोट से जो लोगो की जाने गई है उससे इंदौर प्रशासन भी खासा सतर्क हो गया है सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रशासन ने महू तहसील के करीब दस गोदामों को सील कर दिए है. इस कार्यवाही के तहत तहसीलदार बजरंग बहादुर व एसडीएम वीएन मिश्रा द्वारा संयुक्त रूप से की इस कार्यवाही में इन्होने दतोदा में तीन गोदाम, पिगडंबर में दो गोदाम,सिमरोल, आंबाचंदन, उमरिया, महू, गुजरखेड़ा में एक-एक गोदामों में छापामार कार्यवाही के तहत इन्हे सील कर दिया. इस दौरान इन प्रशासनिक अधिकारियो ने कहा की जब हमने दतोदा, गुजरखेड़ा में छापामार कार्यवाही की तो वहां पर हमे एक-एक लाख रूपये के बारूद की थेलियो को बरामद किया व इनके पास इन विस्फोटक बारूदों को रखने की अनुमति भी नही थी. 

व अनुमति थी वो भी 31 मार्च 2015 तक की ही थी. व जब इस कार्यवाही की भनक अन्य पटाखा दुकानों के संचालको को पड़ी तो वे वहां से भाग खड़े हुए. इन गोदामों में न खिड़की थी न दरवाजे थे. व यह सभी रहवासी क्षेत्रो में थे. व डबलचौकी, दरगाह मैदान आदि रहवासी क्षेत्रो में गरीब परिवारो के द्वारा इन खतरनाक पटाखो का निर्माण किया जा रहा था तथा वहां के रहवासियो ने भी कहा की पेटलावद हादसे को देखते हुए नगर में पटाखों का निर्माण बंद करने के लिए प्रशासन को ज्ञापन देंगे। रहवासी रमेश शर्मा व अभय जोनवाल का कहना है की नगर में बनने वाले पटाकों से सभी को खतरा है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. रहवासी नारायण अग्रवाल के मुताबिक नगर में अवैध रूप से पटाखे बन रहे हैं, तथा सुतली बम के लिए इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक को घर में रखा जाता है। इससे हमेशा हादसे का डर बना रहता है।