मध्यप्रदेश चुनाव: बीजेपी उम्मीदवार फातिमा रसूल भोपाल से मैदान में, पिता की हार का लेंगी बदला

मध्यप्रदेश चुनाव: बीजेपी उम्मीदवार फातिमा रसूल भोपाल से मैदान में, पिता की हार का लेंगी बदला

भोपाल: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेे मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार रात अंतिम सूची में सात प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं. बीजेपी ने अपनी अंतिम सूची में भोपाल-उत्तर सीट से फातिमा रसूल सिद्दिकी को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आरिफ अकील के खिलाफ चुनाव में खड़ा किया है. फातिमा गुरुवार को ही कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुईं थी. फातिमा पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता मरहूम रसूल अहमद सिद्धीकी की बेटी हैं. उधर, आरिफ इस सीट पर कांग्रेस के वर्तमान विधायक हैं और 1992 से अब तक लगातार चुनाव जीत रहे हैं.

छत्तीसगढ़ में सभा को संबोधित करते हुए पी एम मोदी पर जमकर बरसे राहुल गांधी

सूत्रों के अनुसार फातिमा ने महापौर आलोक शर्मा के सरकारी बंगले पर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है, भोपाल जिलाध्यक्ष सुरेंद्रनाथ सिंह फातिमा को साथ लेकर आलोक शर्मा के निवास पर गए थे, जिसके बाद देर रात उन्हें भोपाल उत्तर से बीजेपी का उम्मीदवार घोषित कर दिया गया. दरअसल, भोपाल उत्तर में मुस्लिम आबादी होने के कारण राजनितिक दल, इस इलाके से मुस्लिम उम्मीदवार को मैदान में उतारती हैं. फातिमा इकलौती मुस्लिम महिला प्रत्याशी हैं जिन्हें बीजेपी ने उम्मीदवार बनाया है. 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने आरिफ अकील के खिलाफ आरिफ बेग को मैदान में उतारा था. हालांकि आरिफ बेग ने आरिफ अकील को कड़ी टक्कर दी थी लेकिन जीत दर्ज नहीं कर पाए थे और छह हजार मतों से उन्हें हार मिली थी. वहीं अगर 2008 के चुनाव की बात करें तो बीजेपी ने वर्तमान महापौर आलोक शर्मा और आरिफ अकील के बीच कांटे की टक्कर हुई थी लेकिन जीत आरिफ अकील के खाते में ही आई थी. 

मध्य प्रदेश चुनाव: कांग्रेस ने जारी की अंतिम सूची, जानिए किस किस को मिला टिकट

आपको बता दें कि फातिमा के पिता रसूल अहमद सिद्दीक़ी 90 के दशक में भोपाल उत्तर सीट से 2 बार कांग्रेस विधायक रह चुके हैं. 1992 में आरिफ अकील ने जनता दल पार्टी से चुनाव लड़कर उन्हें हरा दिया था. सिद्दीकी उस चुनाव में तीसरे स्थान पर रहे थे. उन्हें 74000 वोट मिले थे. इसके बाद आरिफ अकील कांग्रेस में शामिल हो गए थे. अब बीजेपी ने फतिमा रसूल को आरिफ अकील के खिलाफ मैदान में उतरा है, अब देखना ये है कि क्या फातिमा अपने पिता की हार का बदला ले पाती हैं या नहीं. 

खबरें और भी-

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को भेजा गया समन, चुनाव के दौरान छिपाई थी महत्वपूर्ण जानकारी

मिजोरम: छात्र संगठनों ने की मुख्य निवार्चन अधिकारी को हटाने की मांग

मध्यप्रदेश चुनाव: टिकट न मिलने से खफा हुए भाजपा नेता, दिया पार्टी से इस्तीफा

?