यहाँ आधार कार्ड बनवाने के लिए रोटी की पोटली लेकर आते हैं लोग, कई दिनों तक करना होता है इंतज़ार

Aug 09 2019 10:36 AM
यहाँ आधार कार्ड बनवाने के लिए रोटी की पोटली लेकर आते हैं लोग, कई दिनों तक करना होता है इंतज़ार

बैतूल: मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में आधार कार्ड बनाना काफी जटिल हो चला है, क्योंकि आधार कार्ड बनाने के लिए जिले में पर्याप्त केंद्र नहीं हैं. यही वजह है कि ग्रामीण इलाकों के लोगों को अलसुबह रोटी की गठरी बांधकर मुख्यालय तक आना होता है. वहीं प्रशासन ने आधार कार्ड संबंधी दिक्कतों को जल्दी निपटाने का आश्वासन दिया है. जिला मुख्यालय के मुख्य डाकघर पर सूरज उगते ही आधार कार्ड बनवाने वालों की कतारें देखी जा सकती हैं.

दरअसल, वर्तमान में सरकार की विभिन्न योजनाओं का फायदा पाने से लेकर स्कूलों में दाखिला लेने के लिए आधार कार्ड आवश्यक हो चला है. शहर और आसपास के गांव की तक़रीबन डेढ़ लाख की जनसंख्या की पहुंच में डाकघर सबसे नजदीकी स्थल है, जहां से आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं. भीमपुर, दामजीपुरा, चिरापाटला की सुखिया बाई, देवकी बाई, रमकू बाई बताती हैं कि वे अपने बच्चों के साथ सुबह पांच बजे रोटी की पोटली बांधकर आधार कार्ड बनवाने के लिए केंद्र पहुंची हैं.

उन्होंने बताया है कि आधार कार्ड बनवाने के लिए पहले टोकन मिलते हैं. टोकन पर यह लिखा होता है कि किस दिन आना है. टोकन लेने के बाद निर्धारित दिनांक पर जाकर आधार कार्ड बनवाना होता है. ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने पहले आकर टोकन प्राप्त कर लिया था, इसलिए अब आधार कार्ड बनवाने आए हैं. वे झोले में रोटी लेकर आए हैं, क्योंकि यह आधार कार्ड उनके लिए आवश्यक जो हो गया है, इसलिए बनवाना भी जरूरी है चाहे कितना भी समय लगे और बच्चों को भूखा भी नहीं रख सकते, इसलिए रोटी साथ में लेकर चलते हैं.

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