ऐसा है माँ कात्यायनी का स्वरूप, जानिए पूजा विधि

Oct 21 2020 06:00 PM
ऐसा है माँ कात्यायनी का स्वरूप, जानिए पूजा विधि

शारदीय नवरात्रि चल रहे हैं और कल यानी 22 अक्टूबर को नवरात्रि का छठवां दिन है। आप सभी को बता दें कि नवरात्रि का छठवां दिन माँ कात्यायनी को समर्पित होता है। जी दरअसल कात्यायनी माँ का पूजन बहुत ही धूम धाम से करते हैं। कहा जाता है कात्यायनी आदिशक्ति श्री दुर्गा का छठवां रूप हैं और उनके पूजन से सभी संकटों का नाश हो जाता है। अब आज हम आपको बताने जा रहे हैं मां कात्यायनी का स्वरूप।

ऐसा है मां का यह स्वरूप - कहते हैं पुराणों के अनुसार कात्यायनी देवी की पूजा गृहस्थ और विवाह के इच्छुक व्यक्तियों को करनी चाहिए। इनके अलावा शिक्षा प्राप्ति के क्षेत्र में प्रयासरत भक्तों के लिए भी माता का पूजन बहुत ही लाभदायक होता हैं। जी दरअसल माँ कात्यायनी अमोद्य फलदायिनी माता कही जाती है। कहते हैं मां कात्यायनी देवी का शरीर सोने के जैसे चमकीला होता है। वहीँ चार भुजा वाली मां कात्यायनी शेर पर सवार है और उनके एक हाथ में तलवार और दूसरे हाथ में कमल का फूल सुशोभित है। इसके अलावा दूसरें दोनों हाथों में वरमुद्रा और अभयमुद्रा दिखाई पड़ती है। 

अब आइए जानते हैं माँ दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की पूजा विधि- इसके लिए सबसे पहले कलश और उसमें उपस्थित देवी देवता की पूजा करें। अब इसके बाद माता के परिवार में शामिल देवी देवता की पूजा करें और इनकी पूजा के बाद देवी कात्यायनी जी की पूजा करें। ध्यान रहे पूजा की विधि शुरू करने पर हाथों में फूल लेकर देवी को प्रणाम करे और देवी के मंत्र का ध्यान करें। अब देवी की पूजा के बाद महादेव और परम पिता की पूजा करें। ध्यान रहे कि श्री हरि की पूजा देवी लक्ष्मी के साथ ही करें। बाकी देवियों का जैसे पूजन किया वैसे ही आप इन देवी का भी कर सकते हैं। 

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