नवरात्रि के दूसरे दिन इस तरह करें माँ ब्रह्मचारिणी का पूजन, पढ़े ये मंत्र

  आज चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन है और आज के दिन देवी ब्रह्मचारिणी का पूजन किया जाता है। जी हाँ, चैत्र नवरात्र का दूसरा दिन (Chaitra Navratri second day pooja) देवी ब्रह्मचारिणी का दिन माना जाता है और इस दिन देवी की को शक्कर का भोग लगाकर उनकी उपासना और मंत्र जाप करना चाहिए। आइए आज हम आपको बताते हैं कैसे करनी है उनकी उपासना और उनके मंत्र।

कैसे करें मां ब्रह्मचारिणी की उपासना- कहा जाता है मां ब्रह्मचारिणी की पूजा जो आज के दिन करता है, वह जीवन के किसी भी क्षेत्र में जीतने की शक्ति हासिल कर सकता है। केवल यही नहीं बल्कि इससे व्यक्ति के अंदर संयम, धैर्य और परिश्रम करने के लिये मनोबल की भी बढ़ोतरी होती है। कहा जाता है अगर व्यक्ति किसी कार्य में अपनी जीत सुनिश्चित करना चाहते हैं, तो आज आपको देवी ब्रह्मचारिणी के मन्त्रों का जाप जरूर करना चाहिए। आज के दिन मां ब्रह्मचारिणी की उपासना के समय पीले अथवा सफेद वस्त्र धारण करना चाहिए। ध्यान रहे मां को सफेद वस्तुएं अर्पित करें जैसे कि मिसरी, शक्कर या पंचामृत। पूजा के समय ज्ञान और वैराग्य का कोई भी मंत्र जपा जा सकता है। इसी के साथ मां ब्रह्मचारिणी के लिए "ॐ ऐं नमः" का जाप करें। इसी के साथ जलीय आहार और फलाहार पर विशेष ध्यान दें।

 देवी ब्रह्मचारिणी के मंत्र-
* ''ऊं ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नम:।'' 

* या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

* या देवी सर्वभूतेशु विद्यारूपेण संस्तिथा,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः’


* दधानां कर पद्माभ्यां अक्षमाला कमण्डलुम्।
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिणीः अत्युत्तमा॥


* तपश्चारिणी त्वंहि तापत्रय निवारणीम्।
ब्रह्मरूप धरा ब्रह्मचारिणी प्रणमाम्यहम्॥
शङ्कर प्रिया त्वंहि भुक्ति-मुक्ति दायिनी।
शान्तिदा ज्ञानदा ब्रह्मचारिणी प्रणमाम्यहम्॥।

ध्यान रहे इस मंत्र का कम से कम एक माला, यानि 108 बार जाप करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि इससे विभिन्न कार्यों में आपकी जीत सुनिश्चित होगी साथ ही आज माता को शक्कर और पंचामृत का भोग लगाने से व्यक्ति को लंबी आयु का वरदान मिलता है। इसी के साथ ही नौ ग्रहों में से मंगल के ऊपर मां ब्रह्मचारिणी का आधिपत्य रहता है। जी हाँ और मंगल सम्बन्धी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए आज मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करना बड़ा ही लाभदायी होगा।

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