क्या आप जानते हैं भगवान शिव के रुद्र एकादश नाम का अर्थ

Jul 22 2019 07:40 PM
क्या आप जानते हैं भगवान शिव के रुद्र एकादश नाम का अर्थ

सावन का महीना शिव का होता है और इन दिनों शिव भगवान की पूजा की जाती है. वहीं भगवान शिव के सभी भक्तों के लिए आज का दिन बेहद खास है जो सोमवार है और हिंदू कैलेंडर के अनुसार, आज का सबसे शुभ सावन मास का पहला सोमवार (सोमवार) है. ऐसे में सावन के दिनों में आज हम आपको भगावन शिव के कुछ नामों के बारे में बताना जा रहे हैं और यह भी बता रहे हैं कि आखिर इस नाम का अर्थ क्या होता है..? आप सभी जानते ही हैं कि महादेव को अनेकों नाम से पुकारते हैं, लेकिन महादेव के कुछ ऐसे नाम है जिसके स्मरण मात्र से ही सभी दुखों का अंत हो जाता है. वहीं भगवान शिव को रुद्र के नाम से पुकारा जाता है, लेकिन क्या आपको पता है रुद्र का मतलब क्या होता है और देवों के देव महादेव को रुद्र क्यों कहते हैं? आइए जानते हैं.

कहा जाता है रूद्र का अर्थ होता है - रुत . यानि दु:खों को अंत करने वाला. बस यही कारण है कि शिव को दु:खों को नाश करने वाले देवता के रुप में पूजा जाता है और व्यावहारिक जीवन में कोई दु:खों को तभी भोगता है, जब तन, मन या कर्म किसी न किसी रूप में अपवित्र होते हैं. आप सभी को बता दें कि शिव के रुद्र रूप की आराधना का महत्व यही है कि इससे व्यक्ति का चित्त पवित्र रहता है और वह ऐसे कर्म और विचारों से दूर होता है, जो मन में बुरे भाव पैदा करे और शास्त्रों के अनुसार शिव ग्यारह अलग-अलग रुद्र रूपों में दु:खों का नाश करते हैं. इसी के साथ यह ग्यारह रूप एकादश रुद्र के नाम से जाने जाते हैं.

1. शम्भू - कहते हैं यह रुद्र रूप साक्षात ब्रह्म है और इस रूप में ही वह जगत की रचना, पालन और संहार करते हैं.

2. पिनाकी-  कहा जाता है ज्ञान शक्ति रुपी चारों वेदों के के स्वरुप माने जाने वाले पिनाकी रुद्र दु:खों का अंत करते हैं.

3. गिरीश - कहते हैं कैलाशवासी होने से रुद्र का तीसरा रुप गिरीश कहलाता है. इस रुप में रुद्र सुख और आनंद देने वाले माने गए हैं.

4. स्थाणु - आप सभी को बता दें कि समाधि, तप और आत्मलीन होने से रुद्र का चौथा अवतार स्थाणु कहलाता है और इस रुप में पार्वती रूप शक्ति बाएं भाग में विराजित होती है.

5. भर्ग - आप सभी को बता दें कि भगवान रुद्र का यह रुप बहुत तेजोमयी है और इस रुप में रुद्र हर भय और पीड़ा का नाश करने वाले होते हैं.

6. भव - कहते हैं रुद्र का भव रुप ज्ञान बल, योग बल और भगवत प्रेम के रुप में सुख देने वाला माना जाता है.

7. सदाशिव - कहा जाता है रुद्र का यह स्वरुप निराकार ब्रह्म का साकार रूप माना जाता है, जो सभी वैभव, सुख और आनंद देने वाला माना जाता है.

8. शिव - आप सभी को बता दें कि यह रुद्र रूप अंतहीन सुख देने वाला यानि कल्याण करने वाला माना जाता है. मोक्ष प्राप्ति के लिए शिव आराधना महत्वपूर्ण मानी जाती है.

9. हर - कहा जाता है इस रुप में नाग धारण करने वाले रुद्र शारीरिक, मानसिक और सांसारिक दु:खों को हर लेते हैं. नाग रूपी काल पर इन का नियंत्रण होता है.

10. शर्व - आप सभी को बता दें कि काल को भी काबू में रखने वाला यह रुद्र रूप शर्व कहलाता है.

11. कपाली - इसी के साथ कपाल रखने के कारण रुद्र का यह रूप कपाली कहलाता है.

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