आज मंगलवार पवनपुत्र का वार , जानिए केसे होगी मनोकामनाएं पूर्ण

Sep 01 2015 09:43 AM
आज मंगलवार पवनपुत्र का वार , जानिए केसे होगी मनोकामनाएं पूर्ण

आज हनुमानजी सभी की आस्था का प्रमुख केंद्र हैं। सभी श्रद्धालु हनुमानजी की पूजा करना काफी पसंद हैं। इनकी पूजा करना जितनी सहज है उतना ही सुखद अहसास और जीवन में सफलता देने वाली होती है। वैसे तो इनकी पूजा किसी भी वार या समय पर की जा सकती है लेकिन ऐसा माना जाता है कि मंगलवार को की गई हनुमानजी पूजा विशेष फल देने वाली है। कुछ भक्त प्रतिदिन हनुमान चालिसा, सुंदरकांड का पाठ करते हैं लेकिन मंगलवार के दिन अधिकांश श्रद्धालु हनुमान चालिसा और सुंदरकांड का पाठ करते हैं। मंगलवार को हनुमानजी की विशेष पूजा क्यों की जाती है? धर्म शास्त्रों में इस संबंध में बताया गया है कि मंगलवार पवन पुत्र के जन्म का वार है।

मंगलवार को हनुमानजी का जन्म माना गया है। हनुमानजी को माता सीता ने अमरता का वरदान दिया है अत: वे हर युग में भगवान श्रीराम के भक्तों की रक्षा करते हैं। कलयुग में हनुमानजी की आराधना तुरंत ही शुभ फल देने वाली है। वे जल्द ही श्रद्धालु की भक्ति से प्रसन्न हो जाते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। मंगलवार भी हमारे जीवन में मंगल करने वाला गया है।ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगलवार मंगलदेव का भी दिन माना जाता है। जिस व्यक्ति की कुंडली में मंगल अशुभ फल देने वाला हो वे इस दिन मंगल ग्रह की भी पूजा करते हैं। इस दिन हनुमानजी की पूजा से मंगल ग्रह के कुप्रभाव भी कम होते हैं।

जिस समय हनुमानजी सीता की खोज में लंका पहुंचे और मेघनाद द्वारा पकड़े जाने पर उन्हें रावण के दरबार में प्रस्तुत किया गया। तब रावण ने उनकी पूंछ में आग लगवा दी थी और हनुमान ने जलती हुई पूंछ से लंका जला दी। जलती हुई पूंछ की वजह से हनुमानजी को तीव्र वेदना हो रही थी जिसे शांत करने के लिए वे समुद्र के जल से अपनी पूंछ की अग्नि को शांत करने पहुंचे। उस समय उनके पसीने की एक बूंद पानी में टपकी जिसे एक मछली ने पी लिया था। उसी पसीने की बूंद से वह मछली गर्भवती हो गई और उससे उसे एक पुत्र उत्पन्न हुआ। जिसका नाम पड़ा मकरध्वज। मकरध्वज भी हनुमानजी के समान ही महान परा