लोढा समिति की दो टूक, BCCI भुगतान की जानकारी दे

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त लोढ़ा समिति ने गुरुवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई ) को दो टूक कह दिया कि इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) और बीसीसीआई के बीच ‘प्रस्तावित समझौता पत्र’ ‘आदेश का हिस्सा नहीं है’ और जब तक विस्तृत जानकारी नहीं मुहैया कराई जाएगी तब तक भुगतान पर कोई भी निर्देश जारी नहीं किये जा सकते.

बता दें कि क्रिकेट बोर्ड के सचिव अजय शिर्के ने समिति से निर्देश मांगे थे कि क्या उन्हें ईसीबी से अपने भुगतान करने के लिए बोल देना चाहिए क्योंकि बीसीसीआई वित्तीय लेनदेन नहीं कर सकता क्योंकि द्विपक्षीय सीरीज के दौरान दौरा करने वाली टीम के लिए भुगतान और सारे इंतजामात घरेलू बोर्ड द्वारा ही किये जाते हैं.

इसके जवाब में सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त लोढा पैनल ने स्पष्ट कहा कि ‘बीसीसीआई और ईसीबी के बीच प्रस्तावित समझौता पत्र द्विपक्षीय क्रिकेट नीति से संबंधित है जो समिति के आदेश का अनिवार्य हिस्सा नहीं है. जहां तक भुगतान का संबंध है, अगर ये बीसीसीआई द्वारा सीधे दिये जाते हैं तो इस समिति द्वारा तब तक कोई निर्देश नहीं दिये जा सकते हैं, जब तक बीसीसीआई द्वारा मामले से संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती.

इस सन्दर्भ में पैनल सचिव गोपाल शंकरनारायण द्वारा भेजे गए ईमेल में यह भी कहा गया कि बीसीसीआई सुप्रीम कोर्ट के 18 जुलाई 2016, सात अक्तूबर 2016 और 21 अक्तूबर 2016 के आदेश में दिये गये निर्देशों का पालन करे. वहीँ पैनल ने अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और शिर्के को भेजे गये अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया कि उनको एक अंतिम सीमा निर्धारित करनी होगी. पैनल ने बीसीसीआई को यह भी निर्देश दिया कि वह स्वतंत्र ऑडिटर की नियुक्ति और आठ नवंबर तक आईपीएल की निविदा दिये जाने के संबंध में सभी जरूरी सूचना दे.

लोढा समिति की सिफारिशें लागू करना आसान...

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