ग्रामीण लोगों ने टिड्डियों को भगाने का निकला नया तरीका

झाँसी: घटनाओं और आशंकाओं को सही साबित करते करते एक साप्ताह पूरा भी नहीं हुआ और बीते बुधवार को एक बार फिर टिड्डी दल जिले की सीमा में घुस गया. मध्य प्रदेश के इंदरगढ़ से होते हुए करोड़ों कीटों ने अचानक मोंठ इलाके के कई गांवों में हमला बोला. हालांकि, इससे निपटने के लिए प्रशासनिक अमला और ग्रामीण पहले से ही तैयार थे. जंहा लोगों ने टिड्डियों के पहुंचते ही शोर मचाना शुरू कर दिया गया. डीजे साउंड की आवाज से इन्हें भगाया गया तो ग्रामीणों ने बगैर साइलेंसर के ट्रैक्टर भी टिड्डियों के पीछे दौड़ाए. वहीं इस बात का पता चला है कि शाम तक टिड्डियों का दल बघेरा में आसमान में मंडराता नजर आया. रात को इसके बैठने पर रसायन का छिड़काव किया जाएगा.  कोरोना वायरस के संक्रमणकाल में टिड्डी बड़ी चुनौती बनकर सामने आए हैं. इतना ही नहीं मध्य प्रदेश और राजस्थान के रास्ते टिड्डी दल जिले की सीमा को लगातार लांघ रहे हैं. एक सप्ताह के भीतर ही तीन टिड्डी दल झांसी के आसमान में नजर आ चुके हैं. पिछले दिनों आए करोड़ों कीटों के समूह ने बरुआसागर इलाके के आधा दर्जन से अधिक गांवों में सब्जियों के खेतों में भारी तबाही मचाई थी. जंहा देखते ही देखते कुछ मिनटों में इन कीटों ने फसलों को चौपट कर दिया था. 

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीते बुधवार को एक और टिड्डी दल जनपद की सीमा में दाखिल हुआ. मोंठ इलाके के शाहजहांपुर सीमा के कंडोर, बमरौली स्टेट और इसके बाद बेलमा, बसोबई , पचोबई, खिल्ली, मड़ोरा, महुआखेरा, अमरौख, एरच, बहादुरपुर, दतावली बसौना, अंग्थारी, जरहा खुर्द, भुजोंद आदि गांवों तक  ये पहुंचे. हालांकि, इससे निपटने के पहले से ही इंतजाम कर लिए गए थे. प्रशासनिक मशीनरी के साथ - साथ ग्रामीण भी तैयार थे. टिड्डियों के आसमान में नजर आते ही शोर मचाना शुरू कर दिया गया. कहीं डीजे साउंड फूल वॉल्यूम पर खोल दिए गए तो ग्रामीणों ने बगैर साइलेंसर के ट्रैक्टर इन कीटों के पीछे दौड़ाए. ढोल, नगाढ़े, थाली, कनस्तर भी बजाए गए. शोर से टिड्डी दल मोंठ इलाके में नहीं बैठा और यहां से आगे बढ़ गया. शाम को ये बघेरा के आसमान में नजर आया. चूंकि, रात में टिड्डी उड़ते नहीं हैं और हरियाली में पनाह ले लेते हैं. इनके बैठने का इंतजार किया जाता रहा, ताकि रात में इन पर फायर ब्रिगेड के जरिये रसायन का छिड़काव कर खात्मा किया जा सके. 
 
अफसर संभाले रहे कमान:  जंहा इस बात का पता चला है कि टिड्डी दल के आने की आशंका पहले ही जताई जा चुकी थी. ये फसलों पर न बैठ पाएं, इसके लिए प्रशासनिक अमला पहले ही सतर्क हो गया था. सूचना मिलते ही एसडीएम मोंठ मंजूर अहमद अंसारी चिरगांव ब्लॉक पहुंचे वहां पर विभाग के अधिकारियों तथा खंड विकास अधिकारी सुभाष नेमा के साथ किसानों को टिड्डी दल से मुकाबला करने के लिए जागरूक किया. तहसीलदार डॉ लालकृष्ण शाहजहांपुर मार्ग पर भांडेर शाहजहांपुर की सीमा पर खड़े होकर टिड्डियों के दल को भगाने के लिए काम किया. उनके साथ सैकड़ों किसान, राजस्व विभाग के कर्मचारी, फायर ब्रिगेड की गाड़ी, ट्रैक्टर, ढोल, नगाड़े, डीजे आदि तैयार रहे. 

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