भीड़ वाली शादियों में नहीं जाएंगे पंडित, बैठक में लिया ऐसा निर्णय

मध्य प्रदेश में कोरोना का कहर तेजी से बढ़ रहा है. वहीं, कोरोना वायरस से लॉकडाउन में हल्की राहत मिलने से लोग अपने विवाह योग्य बेटे-बेटियों की शादियों की तैयारियों में जुट गए हैं. प्रशासन ने अपनी गाइडलाइन में कहा कि शादी तय हो चुकी है तो 10 लोगों की मौजूदगी में लॉकडाउन का पालन करते हुए विवाह संस्कार संपन्न कराएं. प्रशासन के स्वर में स्वर मिलाते हुए पंडितों ने साफ कह दिया है कि भीड़ वाली शादियों में नहीं जाएंगे. सिर्फ जहां 10 व्यक्ति शादी में शामिल होंगे, उसी समारोह में सुरक्षा इंतजामों के साथ ही पूजा-विधि संपन्न कराएंगे.

हालांकि यह निर्णय सर्व ब्राह्मण युवा समिति की गत दिवस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा हुई बैठक में लिया गया. इसमें दो दर्जन पुजारियों ने विवाह संस्कार को लेकर अपने-अपने मत भी रखे. इस  बारें में समिति के जिलाध्यक्ष पं. रत्नेश शास्त्री ने बताया कि देश-प्रदेश ही नहीं संपूर्ण विश्व में कोरोना महामारी फैली है. ऐसे में कई वैवाहिक तय रिश्ते टलते जा रहे हैं.

बता दें की ज्योतिष ग्रहदशा के मुताबिक कुछ ऐसी परिस्थितियां भी निर्मित हो रही है कि यदि अभी विवाह नहीं हुए, तो अगले ठंड तक विवाह टल जाएंगे. यानि एक वर्ष बाद ही उनकी शादी हो पाना संभव होगा. इसलिए यजमानों को हम यही सलाह दे रहे है कि भीड़भाड से दूर उचित शारीरिक दूरी बनाते हुए जो भी मुहूर्त आए, उसमें विवाह योग्य बेटे-बेटियों के हाथ पीले करवा लें ताकि बाद में कोई दिक्कत न आए. वहीं कथावाचक पंडित सुशील कुमार पांडेय ने बताया कि आपत्ति काले मर्यादा नास्ति यानि परिस्थिति अनुसार जैसी व्यवस्था हो वैसा आयोजन करना ही हितकर है.

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