हरियाणा : जल्द शराब घोटाले से उठ सकता है पर्दा

लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण के बीच हरियाणा के बहुचर्चित शराब घोटाले में सरकार की तरफ से गठित एसईटी की जांच पर कोई आंच नहीं आएगी. एसईटी की टर्म एंड कंडीशन में सब कुछ साफ कर दिया गया है. इस मामले में अभी तक एसईटी ने आरेापी भूपेंद्र से भी कोई पूछताछ नहीं की है. मतलब साफ है कि एसईटी शराब घोटाले में स्टाक वेरीफिकेशन और अनियमितताओं की रिपोर्ट सरकार को सौंप देगी. उसके बाद सरकार यह तय करेगी कि इस मामले में चूक किस स्तर पर हुई है.

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि गृह मंत्री अनिल विज पहले ही यह कह चुके हैं कि उन्हें एसईटी की जांच पर भरोसा है. यह भी संभावना जताई गई है कि जिलों में मुख्यमंत्री ने तीन सदस्यीय टीम पहले ही स्टाक वेरीफाई करने के लिए गठित कर दी है. यह टीम अपनी रिपोर्ट पहले ही दे चुकी है. अब इस रिपोर्ट का मिलान भी एसईटी करेगी. जिसके बारे में अपनी रिपोर्ट में सरकार को तथ्यात्मक जानकारी दी जाएगी. उधर, आरोपी भूपेंद्र इस मामले में कई अहम खुलासे तो कर चुका है, लेकिन भूपेंद्र की गिरफ्तारी के बाद से कोई बड़ी गिरफ्तारी नहीं हुई है.

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इस मामले में गृह मंत्री अनिल विज को एसईटी की जांच पूरी होने का इंतजार हैं. जांच पूरी होने तक विज ने इस मामले को लेकर मौन धारण कर लिया है. विज ने इस प्रकरण में यह भी कहा है कि जैसे-जैसे जिलों में घोटाले सामने आ रहे हैं. एसईटी के पास इसकी रिपोर्ट भी जाएगी. इसके अलावा उन्होंने एसईटी की जांच पर भरोसा जताया है. इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा है कि जिन गोदामों से शराब चोरी हुई है. उन गोदामों के फिजिकल वेरीफिकेशन का काम भी एसईटी करेगी.

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