चीन की अर्थव्यवस्था को लेकर मेरा विश्वास नही है बेतुका - प्रधानमंत्री

चीन की अर्थव्यवस्था को लेकर मेरा विश्वास नही है बेतुका - प्रधानमंत्री

बीजिंग : चीन की डामाडोल हो रही अर्थव्यवस्था को लेकर हाल ही में चीन के प्रधानमंत्री ली केकियांग ने दावोस बैठक के दौरान यह कहा है कि चीन की अर्थव्यवस्था वैश्विक विकास दर का महत्वपूर्ण स्रोत बनी रहेगी. साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था को लेकर उनका विश्वास भी बेतुका नहीं है. गौरतलब है कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 7 प्रतिशत की विकास दर के साथ ही चीन का विश्व के आर्थिक विकास के मामले में 30 प्रतिशत योगदान रहा है. और यह विश्व की कई अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले सर्वाधिक रहा है.

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के द्वारा यह देखा गया है कि साल 2015 में कई विकासशील देशों की तुलना में चीन की विकास दर करीब 3.2 गुना अधिक रही है और इसके साथ ही उभरते हुए बाजारों की तुलना में यह 1.6 गुना अधिक रही है. इसके साथ ही यह अनुमान भी लगाया जा रहा है कि चीन के 7 प्रतिशत विकास दर के कारण देश की अर्थव्यवस्था 800 अरब डॉलर तक चली जाएगी. बताया जा रहा है कि विश्व के सबसे बढे कमोडिटी व्यापारिक देश और 120 से अधिक देशों एवं क्षेत्रों के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार देश के रूप में चीन की ऊर्जा, कच्ची सामग्रियों और उच्च प्रौद्योगिकी उत्पादों की स्थाई मांग से विकासशील और विकसित देशों के निर्यात पर भी प्रभाव पड़ा है.

यह भी सामने आया है कि 2015 के पहले आठ महीनों में विदेशी व्यापार 7.7 प्रतिशत घटने के बावजूद चीन का परिष्कृत तेल और कच्चे तेल का आयात सालाना आधार पर 4.1 प्रतिशत और 9.8 प्रतिशत बढ़ा है. इस दौरान, विशेष रूप से विकासशील देशों में बुनियादी ढांचागत विकास के जरिए चीन के तेजी से बढ़ रहे आउटबाउंड प्रत्यक्ष निवेश (ओडीआई) से वैश्विक आर्थिक विकास बढ़ा है.