स्टरलाइट विवाद: कंपनी बंद होने से बुझे 32 हज़ार 500 चूल्हे

चेन्नई: तमिल नाडु के तूतीकोरिन में चल रहे स्टरलाइट  कंपनी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की वजह से बंद की गई कंपनी ने 32 हज़ार 5 सौ लोगों के घर का चूल्हा बुझा दिया है. कंपनी के बंद होने से 3 हजार 5 सौ लोगों की आजीविका पर सीधा असर पड़ा है, जबकि 30 से 40 हजार नौकरियों पर अप्रत्यक्ष रूप से प्रभाव पड़ा है. स्टरलाइट कॉपर प्लांट ने अपने कॉन्ट्रैक्ट  के force majeure प्रावधान के तहत कुल 2500 कॉन्ट्रैक्ट वर्कर हैं, जिन्हे कंपनी ने नोटिस जारी किया है.

इनके अलावा कारखाना बंद होने से कम से कम 30 हजार अप्रत्यक्ष कर्मचारियों पर असर पड़ रहा है. इससे पहले तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्लांट का लाइसेंस रिन्यू करने से इनकार कर दिया है, बोर्ड ने अप्रैल के बाद से तीन मुख्य प्रावधानों के उल्लंघन का जिक्र किया है. बोर्ड ने पाया कि स्टरलाइट ने धातुमल को नदियों में बहाते हुए पर्यावरण नियमों का उल्लंघन किया है. साथ ही प्लांट के नजदीकी नलकूपों के पानी को लेकर प्लांट ने बोर्ड को रिपोर्ट नहीं दी है.

आपको बता दें कि तूतीकोरिन में स्टरलाइट कॉपर संयंत्र के खिलाफ करीब 20 हजार लोगों की बड़ी भीड़ एकत्रित हो गई. इसका परिणाम बाद में हिंसा और पुलिस कार्रवाई के तौर पर सामने आया.सरकार ने कहा कि असामाजिक तत्व स्थिति का लाभ उठाने का प्रयास कर रहे हैं. सरकार ने इन तीन जिलों में इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के नोडल अधिकारियों को आज से 27 मई तक इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाने का निर्देश दिया. इलाके में एहतियातन धारा 144 लागू है.

तूतीकोरिन पहुंचेंगे कमल हासन, मद्रास कोर्ट आज सुनाएगी फैसला

तमिलनाडु: स्टरलाइट कारखानों को लेकर मद्रास हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

तमिलनाडु: तूतीकोरिन में सामने आया पुलिस का काला चेहरा

 

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -