आतंकी नावेद को LOC तक छोड़ने आये थे लश्करे तैयबा के शीर्ष कमांडर

Sep 02 2015 11:04 AM
आतंकी नावेद को LOC तक छोड़ने आये थे लश्करे तैयबा के शीर्ष कमांडर

नई दिल्ली : जम्मू कश्मीर के उधमपुर में आतंकवादी हमले के दौरान गिरफ्तार किए गए पाकिस्तानी आतंकवादी नावेद और उसके 3 सहयोगियों ने 2 जून को जब भारत में घुसपैठ की थी तब लश्करे तैयबा के 2 शीर्ष कमांडर उन्हें वहां छोड़ने इस्लामाबाद से आए थे. हाल ही में रद्द हुई राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) स्तरीय बैठक के लिए तैयार किए गए डोजियर के अनुसार नावेद ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के मुजफ्फराबाद में लश्कर शिविर में इसी साल 20 मई को 4 महीने का प्रशिक्षण पूरा किया. उसके बाद वह लश्करे तैयबा की ही गाडी में वहां से रवाना हुआ. उसके साथ मोहम्मद भाई, मौवाज, अबू अली और एक अहमद भी था. ये लोग अगले दिन अग्रिम खहूता स्थित हालेन डेट पहुंचा. हालेन डेट शिविर का संचालन किताल सिंधी कर रहा था. 

डोजियर के अनुसार 25 मई को दक्षिण कश्मीर के लिए लश्कर का संचालन कमांडर साजिद और उत्तर कश्मीर के लिए लश्करे तैयबा का कमांडर हंजा असनान और भवालपुर का निवासी जो उधमपुर में आतंकवादी हमले में मारा गया, आतंकी नौमान एक कार में इस्लामाबाद से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के कठुआ अग्रिम क्षेत्र स्थित हैलेन डेट मस्जिद पहुंचे. नौमान उन आतंकवादियों का नेतृत्व कर रहा था जिन्होंने भारत में प्रवेश किया था.

लश्करे तैयबा के कमांडरों ने चारों आतंकवादियों में से प्रत्येक आतंकवादी को एक ई ट्रैक्स GPS उपकरण, एक वायरलेस सेट, एक कंपास, फ्लेक्स पर प्रिंट किया हुआ नक्शा, 6 मैगजीन के साथ एक AK 47 राइफल, 2 हथगोले, डिजिटल घडी, काले रंग का एक ट्रैक सूट, एक जोडी जूते और 50 हजार रुपये भारतीय मुद्रा दी थी. डोजियर में कहा गया, इसके अलावा समूह के पास मोबाइल फोन थे.