लखीमपुर हिंसा: यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में रखा अपना पक्ष, सील कवर में पेश करेगी सबूत

नई दिल्ली: शीर्ष अदालत ने सोमवार को लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सुनवाई की है. इस दौरान प्रधान न्यायाधीश (CJI) एनवी रमणा ने गवाहों और पुलिस हिरासत से संबंधित कुछ अहम सवाल पूछे. अदालत में सरकार की ओर से पेश वकील हरीश साल्वे ने कहा कि हमने हलफनामा दायर किया है. इसमें 68 में से 30 गवाहों के बयान CRPC की धारा 164 के तहत दर्ज कर लिए गए हैं. इसमें 23 चश्मदीद गवाह भी शामिल हैं. साल्वे ने कहा कि डिजिटल मीडिया पर मौजूद वीडियो के माध्यम से आगे की जांच की जा रही है. ये पता लगाया जा रहा है कि घटना में और कौन लोग शामिल थे. इस संबंध में सबूत भी जुटाए जा रहे हैं.

इस पर शीर्ष अदालत ने कहा कि सब क्षेत्रीय लोग ही इस मामले में शामिल रहे होंगे, तो ऐसे में उन्हें चिन्हित किए जाने में कोई मुश्किल नहीं होनी चाहिए. तभी साल्वे ने कहा कि जो लोग बाहर थे, उनके इतर कार के अंदर मौजूद लोगों की भी शिनाख्त की जा रही है. CJI ने कहा कि प्रत्येक पहलू और संभावना को तलाशिए. जब आपके पास 23 चश्मदीद गवाह हैं, तो आगे कदम बढ़ाइए. साल्वे ने कहा कि मैं इस मामले से संबंधित सबूत सील कवर में दायर करना चाहूंगा.

CJI एनवी रमणा ने कहा कि मामले में आगे कोई सवाल नहीं उठना चाहिए. यह बेहद गंभीर मामला है. उन्होंने कहा कि मौके पर 100 से अधिक किसान मौजूद थे, ऐसे में केवल 23 चश्मदीद ही सामने आए. CJI ने सवाल किया कि क्या कोई गवाह ऐसा भी है, जो जख्मी हुआ हो. इस पर साल्वे ने जवाब दिया कि मुझे इस संबंध में पता करना होगा. फिर CJI ने कहा कि गवाहों कि सुरक्षा आवश्यक है, इसके लिए क्या हम आदेश जारी करें. इस पर साल्वे ने कहा कि गवाहों को सुरक्षा दी जा रही है. जिला न्यायाधीश ने गवाहों कि सुरक्षा का आदेश पहले ही दे दिया था.

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