लॉकडाउन में नहीं मिल पाया कोई पंडित तो, महिला एसआई ने इस तरीके से करवाई शादी

मध्य प्रदेश में कोरोना के मामले लगातार मिल रहे है. ऐसे में प्रशासन लगातार सख्ती बरत रहा है. वहीं , एक ऐसी खबर सामने आई है जो दिल को छू जाने वाली है. पुलिस को अब तक आपने कानून का पालन कराते, सख्ती दिखाते और समाजसेवा सख्ती के कुछ रूपों में ही देखा होगा. लेकिन किसी अधिकारी को बकायदा शादी के मंत्र पढ़कर फेरे करवाते शायद ही देखा-सुना होगा. लॉकडाउन में ऐसी भी एक शादी हुई है, जिसमें वर्दी पहनी एस आई पंडित बन गई. दरअसल, मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में शादी के लिए वर-वधू पक्ष को जब कोई पंडित नहीं मिला तो भ्रमण पर निकलीं महिला एसआई को ही शादी के मंत्र पढ़ने पढ़े और सात फेरे कराए. एसआई ने सात वचनों के साथ ही वर-वधू को कानून की भी जानकारी दी. यह शादी नरसिंहपुर जिले की गोटेगांव तहसील के ग्राम झोंतेश्वर में हुई है.

दरअसल नरसिंहपुर जिले के श्रीनगर गांव के रहने वाले लक्ष्मण की शादी इतवारा बाजार निवासी ऋतु से तय थी. लॉकडाउन के कारण शिव पार्वती मंदिर में दोनों परिवार के 8 लोग शादी के लिए पहुंचे लेकिन वहां कोई पंडित मौजूद नहीं था. जिसकी वजह से शादी की रस्में शुरू नहीं हो पा रही थी. झोंतेश्वर चौकी प्रभारी एसआई अंजली अग्निहोत्री ने बताया कि भ्रमण के दौरान जब वह मंदिर पहुंची तो वर-वधू के परिवार ने समस्या बताई और फेरे कराने के लिए उनसे ही मंत्रोच्चारण करने कहा. जिससे उन्हें मौके की स्थिति और ग्रामीणों के आग्रह पर मंत्र पढ़े.

आपको बता दें की शादी में यह भी रोचक रहा है कि लक्ष्मण का परिवार पूजन में लगने वाली कई सामग्री नहीं ले पाया था सिर्फ नारियल ही थे. बताशे की जगह एसआई अंजली ने ही कहीं से शक्कर मंगवाई ताकि मीठे की कमी पूरी हो सके. वहीं, मंत्र पढ़ने की बारी आई तो कुछ मंत्र अंजली को याद थे और फिर मोबाइल में गूगल पर विवाह पद्धति सर्च कर शेष जरूरी मंत्रों को पढ़कर विवाह पूरा कराया. एसआई अंजली ने इस बारें में बताया कि मंदिर बंद था, जिसकी वजह से मंदिर की परिक्रमा में फेरे के लिए हवन वेदी के स्थान पर दिया जलाकर रखा गया. मंत्रों के साथ दिए और मंदिर के फेरे कराए गए. परिणय के सात वचनों के साथ वर वधू को कानूनी प्रावधान बताए गए.

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