सिंहस्थ कुंभ : बन रहे गुरु चांडाल योग निवारण हेतु चल रहे है अनुष्ठान

Feb 12 2016 08:41 PM
सिंहस्थ कुंभ : बन रहे गुरु चांडाल योग निवारण हेतु चल रहे है अनुष्ठान

आने वाले इस महापर्व पर पड़ रहे  गुरु चांडाल योग और  शनि-मंगल की युति के विपरीत प्रभाव को समाप्त करने के लिए और विश्वकल्याण के लिए इस शारदीय नवरात्रि से गुप्त अनुष्ठान प्रारंभ हो चुके है. गुरु चांडाल योग और शनि-मंगल के कुप्रभव को समाप्त करने के लिए विशेष पूजा- पाठ ,जप -तप किये जा रहे है, अनुष्ठान के लिए बड़े- बड़े साधू - संत ,महामंडलेश्वर  मन्त्रों द्वारा पूजा -पाठ कर रहे है .

पं.आनंदशंकर व्यास जी के अनुसार बताया जा रहा है कि 20 फरवरी से राहु-गुरु का चांडाल योग और  29 फरवरी से वृश्चिक राशि में शनि-मंगल की युति शुरू हो रही है . जब भी इस तरह के योग बनते है. तो तीर्थ क्षेत्रों  में धार्मिक संघर्ष, आसामाजिक तत्व ,उपद्रव, रोगों की उत्पत्ति तथा भगदड़, इस तरह की अन्य समस्या उत्पन्न होने की प्रवल संभावना होती है .

आने वाला यह सिंहस्थ महापर्व खुशियों के साथ, बिना किसी व्यवधान और बाधा ,र्विघ्न  के संपन्न् हो सके इसलिए इस अनुष्ठान को इस नवरात्रि से पूजा-प्रार्थना के द्वारा गुप्त अनुष्ठान जारी है.अनुष्ठान का आरंभ बड़े गणेश मंदिर में संकल्प पूजन के बाद महाकाल मंदिर के सभामंडप में स्थित माता अवंतिका की पूजा-अर्चना तथा सप्तशती पाठ के साथ किया गया.

इन मंदिरों में अनुष्ठान प्रक्रिया है जारी -

षड्विनायक, अष्ट महाभैरव, अट्ठावीस तीर्थ, 84 महादेव, नौ नारायण, सिद्ध देवी मंदिर, सप्त सागर, नवग्रह तथा सांदीपनि आश्रम में पूजा-प्रार्थना की जा रही है.