कुमारस्वामी का शपथ ग्रहण समारोह विपक्ष को एक मंच पर लाएगा

जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी का बुधवार को शपथ ग्रहण समारोह 2019 लोकसभा चुनाव के लिए विपक्ष को एकजुट करने का प्रयास भी है. विपक्ष के कई बड़े नेता इसमें शामिल हो सकते हैं, इस दौरान कुछ ऐसा नज़ारा भी देखने को मिल सकता है जो कि ऐतिहासिक होगा. उत्तर प्रदेश की राजनीति के दो दिग्गज अखिलेश यादव और मायावती पहली बार एक मंच पर दिख सकते हैं.

उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश और मायावती ने अभी तक कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण में शामिल होने की पुष्टि की है. यानी साफ है कि दोनों नेता मंच साझा करेंगे, यह पहली बार होगा जब अखिलेश-मायावती किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में साथ होंगे. आपको बता दें कि गोरखपुर उपचुनाव के दौरान दोनों पार्टियों ने गठबंधन कर सभी को चौंका दिया था और अब यहां दोनों का एक साथ आना 2019 लोकसभा चुनाव के लिए दोस्ती की बातों को बल देता है.

गोरखपुर-फूलपुर उपचुनाव में बीजेपी को पटखनी देने के बाद अखिलेश यादव ने खुले तौर पर मायावती की तारीफ की थी. नतीजों के बाद अखिलेश खुद उनसे मिलने भी गए थे, वहीं मायावती ने भी कहा था कि सपा-बसपा की ये दोस्ती 2019 के चुनाव में भी देखने को मिल सकती है. हालांकि, बीजेपी नेता राकेश त्रिपाठी का कहना है कि दोनों पार्टियां कर्नाटक में साथ नहीं थीं. कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में विपक्षी पार्टियों के कई नेता शामिल होंगे. कुमारस्वामी ने खुद सभी को न्योता दिया है, सोमवार को वह नई दिल्ली में राहुल गांधी और सोनिया गांधी को भी न्योता देने पहुंचे थे.

23 मई को होने वाले कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, राजद के तेजस्वी यादव, कमल हासन, डीएमके के एमके स्टालिन, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू, तेलंगाना सीएम चंद्रशेखर राव, बसपा सुप्रीमो मायावती शामिल होने की उम्मीद है.       

 

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