कोई लोटा दे मेरे बीते हुए दिन

लबेले दिन प्यारे मेरे बिछड़े साथ सहारे हाय कहाँ गए
आँखों के उजियारे मेरी सुनी रात के तारे हाय कहाँ गए
कोई लोटा दे मेरे बीते हुए दिन बीते हुए दिन वो प्यारे पलछिन
मेरे ख्वाबों के महल मेरे सपनों के नगर
पी लिया जिनके लिए मेने जीवन का जहर
आज मैं ढूंढूं कहाँ खो गए जाने किधर
मैं अकेला तो न था मेरे साथी थे कई
एक आंधी से उठी जो भी था ले गयी
ऐसे भी दिन थे कभी मेरी दुनियां थी मेरी 
बीते हिये दिन वो मेरे प्यारे पलछिन

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -