जानिए क्या है IDUAI का इतिहास

आज 28 सितंबर 2022 विश्वभर में सूचना की सार्वभौमिक पहुंच के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस (आईडीयूएआई) मनाया जा रहा है। इस दिवस के समारोह का आयोजन यूनेस्को द्वारा आयोजित भी किया जा रहा है।  28 सितंबर, 2017 को दूसरा सूचना का सार्वभौमिक पहुंच के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में सेलिब्रेट किया गया था। 27 से 30 सितंबर 2017 तक, यूनेस्को  ने “Overcoming Divides and Achieving the SDGs in Africa”  थीम के साथ बालाक्लावा, मॉरीशस में एक समारोह का आयोजन भी किया गया।  जानकारी की सार्वभौमिक पहुंच के लिए इंटरनेशनल दिवस को 2002 में मान्यता दी गई थी। इस दिन को शुरू होने वाले नागरिक समाज के अधिवक्ताओं द्वारा विकसित 2012 में कर दोइया गया था। इस दिन को बनाने वाले यूनेस्को के प्रस्ताव को अफ्रीकी नागरिक समाज समूहों द्वारा अधिक सूचनापारदर्शिता की मांग के लिए प्रेरित भी किया गया था। इस दिन का उद्देश्य लोग तक सूचना पहुंचना। 

सूचना की सार्वभौमिक पहुंच के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस सूचना तक पहुंच के महत्व को स्वीकार करते हुए, 74वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अक्टूबर 2019 में संयुक्त राष्ट्र स्तर पर 28 सितंबर को सूचना तक सार्वभौमिक पहुंच (आईडीयूएआई) के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में इस दिन की घोषणा कर दी। यूनेस्को ने 2015 में एक आम सम्मेलन द्वारा इस दिन मनाने का एलान कर दिया। इस दिन को हर वर्ष 28 सितंबर को सूचना तक सार्वभौमिक पहुंच (आईडीयूएआई) के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में घोषित करने वाले 38 सी / संकल्प 57 को अपनाना। सूचना तक सार्वभौमिक पहुंच के लिए 2021 के अंतर्राष्ट्रीय दिवस का विषय सूचना कानूनों तक पहुंच की भूमिका और जनता के अच्छे और सतत विकास के लिए मजबूत संस्थानों के निर्माण के साथ-साथ सूचना के अधिकार और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए उनके कार्यान्वयन को उजागर करना है। 

भारत में सूचना का अधिकार:-

– भारत में, यह सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 द्वारा शासित है। इस अधिनियम की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

– इस अधिनियम के तहत, यदि कोई सूचना किसी व्यक्ति के जीवन से सम्बंधित है, तो उसे 48 घंटों के भीतर प्रदान करना पड़ेगा। 

– सार्वजनिक प्राधिकरण एक संस्था या निकाय है जिसे संविधान के तहत या विधायिका द्वारा बनाए गए कानून द्वारा स्थापित भी किया जा चुका है, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भारत सरकार और निकाय द्वारा वित्त पोषित भी है।

– इस अधिनियम सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की व्यवस्था है।

– जानकारी का अधिकार का अर्थ है, लोक प्राधिकरण द्वारा आयोजित सूचना तक पहुँचने का अधिकार। जिसमे कार्य, दस्तावेजों और अभिलेखों का निरीक्षण; प्रमाणित नमूने लेने, नोट्स या प्रतियां लेना, फ्लॉपीज़, डिस्कसेट्स, टेप या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से जानकारी प्राप्त करना शामिल किया जा चुका है।

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