जानिये शास्त्र के अनुसार योग्य संतान प्राप्ति के नियम

सभी विवाहित दम्पति की हार्दिक इच्छा होती है कि उसकी भी कोई संतान हो जो उसे माता या पिता कहकर पुकारे तथा जो वृद्धावस्था के समय अपने माता पिता की सेवा करे और उनका ध्यान रखे. किन्तु कुछ संताने ऐसी होती है जो अपने माता पिता के लिए कष्टकारी सिद्ध होती है.

आज हम आपको शास्त्रों में दिए गए कुछ ऐसी बातें बताएँगे जो आपको संस्कारी संतान प्राप्ति में सहायक सिद्ध होगी. हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार आपको गर्भधारण करने के पूर्व दिन, तिथि एवं मुहूर्त का स्मरण रखना चाहिए.जिससे की आपको एक योग्य संतान की प्राप्ति हो सके.

शास्त्रों में गर्भधारण के सम्बन्ध में कई प्रकार की जानकारियां उपलब्ध है जिसमे गर्भधारण की तिथिओं एवं मुहूर्त का वर्णन किया गया है और साथ ही उन दिनों का भी उल्लेख किया गया है जिन दिनों में गर्भधारण करना अशुभ होता है. आज हम आपको शास्त्रों में दिए गए उन दिनों के बारे में बताएँगे जिन दिनों में गर्भधारण करना अशुभ माना गया है.

मंगलवार 
शास्त्रों में मंगलवार का दिन गर्भधारण के लिए उपयुक्त नहीं होता है यदि कोई मंगलवार के दिन गर्भधारण करता है तो उसकी संतान मंगलवार के गृह स्वामी मंगल की तरह ही क्रूर तथा हिंसक प्रवृत्ति की होती है जो की उसके माता पिता के लिए उचित नहीं है.

शनिवार 
शास्त्रों के अनुसार शनिवार का दिन भी गर्भधारण के लिए अशुभ माना गया है.यदि कोई शनिवार के दिन गर्भधारण करता है तो उसकी संतान निराशावादी हो सकती है या फिर उसमे किसी प्रकार का शारीरिक विकार उत्पन्न हो सकता है.

रविवार 
रविवार का दिन गर्भधारण के लिए उचित नहीं होता है क्योकि इस दिन का गृह स्वामी सूर्य होता है जो समस्त संसार की आत्मा माने जाते है.

 

ऐसे घरों में कभी नहीं छाते है दुःख के बादल

मिटटी के ये गुण जो निर्धारित करते हैं आपकी सफलता और असफलता को

रसोई घर में भूलकर भी न करें ये कार्य वरना....

अब आखें बताएंगी लोगो का व्यक्तित्व

 

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -