केरल के राज्यपाल का बड़ा बयान, कहा- 'यह पैरा पॉलिसी के तहत नहीं है'...

केरल के राज्यपाल का बड़ा बयान, कहा- 'यह पैरा पॉलिसी के तहत नहीं है'...

तिरुअनंतपुरम: केरल के राज्यपाल आरिफ मुहम्मद खान की सुरक्षा बढ़ाकर 'जेड प्लस' श्रेणी की कर दी गई है. यह जानकारी राजभवन के अधिकारियों ने दी है. वहीं 'जेड प्लस' श्रेणी की सुरक्षा दिए जाने का सीएए से कोई लेना-देना नहीं है बल्कि राजभवन के अधिकारियों ने बीते बुधवार यानी 29 जनवरी 2020  को स्पष्ट किया कि राज्यपाल को 'जेड प्लस' श्रेणी की सुरक्षा दिए जाने का नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) से कोई लेना-देना नहीं है. वहीं ना ही इसका संबंध सीएए का पुरजोर समर्थन करने को लेकर है.

यह फैसला केरल पुलिस के मूल्यांकन के बाद लिया गया: जंहा यह भी कहा जा रहा है कि अधिकारियों ने बताया कि अगर उन्हें केरल में जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिलती है तो राज्य के बाहर के दौरे के दौरान उन्हें अधिक सुरक्षा प्रदान की जा सकेगी. राजभवन के अधिकारियों के मुताबिक जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा की मांग नहीं की गई थी. यह फैसला केरल पुलिस के मूल्यांकन के बाद लिया गया है.

राजभवन में सुरक्षा बढ़ा दी गई: ताजा घटनाक्रम में राज्यपाल के आधिकारिक निवास राजभवन में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और उनकी निजी सुरक्षा में तीन और कमांडो की तैनाती की गई है.

सभी की आंखें केरल विधानसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक पर लगीं: यह बात उल्लेखनीय है कि सीएए का खुलकर समर्थन करने पर केरल सरकार उनका लगातार विरोध कर रही है और वह तब से ही सुर्खियों में बने हुए हैं. जंहा अब सभी आंखें केरल विधानसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की शुक्रवार यानी 31 जनवरी 2020 को होने वाली बैठक पर लगी हैं. इसी बैठक में फैसला होना है कि विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथाला की ओर से राज्यपाल खान को वापस बुलाने के प्रस्ताव को सदन में पेश किया जाए या नहीं.

राज्यपाल ने कहा- यह पैरा पॉलिसी के तहत नहीं है:  जानकारी मिली है कि केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने पहले केरल विधानसभा में अपने अभिभाषण में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरुध प्रस्ताव के जिक्र वाला पैराग्राफ पढ़ने से इनकार कर दिया था, लेकिन फिर इसे 'डिस्क्लेमर' के साथ पढ़ा. इस पैराग्राफ में नागरिकता संशोधन कानून को असंवैधानिक और भेदभावपूर्ण बताया गया था. इससे पहले राज्यपाल ने सदन में अपने अभिभाषण के दौरान कहा, 'मैं इस पैरा (सीएए के खिलाफ) को पढ़ने जा रहा हूं, क्योंकि मुख्यमंत्री चाहते हैं कि मैं इसे पढ़ूं. हालांकि मेरा मानना है कि यह पॉलिसी के तहत नहीं है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह सरकार का दृष्टिकोण है और उनकी इच्छा का सम्मान करने के लिए मैं इस पैरा को पढ़ने जा रहा हूं. बुधवार को केरल विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत से पहले ही सदन में काफी बवाल हुआ. नागरिकता कानून का विरोध करते हुए यूडीएफ के विधायकों ने विधानसभा में जमकर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की.

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