बारिश और बाढ़ के बीच भक्तों से की गई ये अपील

रविवार और सोमवार को केरल में त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड ने प्रभु अयप्पा के श्रद्धालुओं से पठानमथिट्टा जिले के सबरीमाला मंदिर में जाने से परहेज करने की अपील की। दरअसल, प्रदेश में सर्वाधिक वर्षा हुई है एवं वर्षा से जुड़ी घटनाओं में अब तक 18 व्यक्तियों की जान जा चुकी है। पिछले शनिवार को सिर्फ ‘थुला मासम’ पूजा के लिए मंदिर के दरवाजे फिर से खोल दिए गए थे, क्योंकि पठानमथिट्टा जिले में सर्वाधिक वर्षा हुई तथा बाद में जल स्तर में भयंकर हद तक बढ़ोतरी देखी गई।

वही त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड ने आग्रह करते हुए कहा कि पहाड़ों एवं घने जंगलों के मध्य एक पहाड़ी की चोटी पर मौजूद मंदिर के साथ, श्रद्धालुओं के लिए सबरीमाला पहाड़ी पर चढ़ना कठिन होगा, क्योंकि तीव्र बारिश एवं बार-बार भूस्खलन की संभावना है। केरल के कोट्टायम के कूट्टिकल एवं इद्दुकी जिले के कोक्कयार में भूस्खलन में चार व्यक्तियों की मौत हो गई है। केरल के मंत्री वीएन वसावन के मुताबिक, अब तक तीन व्यक्तियों के शव मिले हैं, जिनमें से सभी कूट्टिकल में भूस्खलन में मारे गए थे।

वही ऐसे में प्रदेश के अफसरों ने व्यक्तियों को पर्यटन स्थलों पर जाने एवं नदियों और अन्य जल निकायों के पास नहीं जाने का सुझाव दिया है। कई जिलों में वर्षा की वजह से सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की खबर है, जबकि गंभीर जलजमाव ने अन्य व्यक्तियों के लिए जिंदगी को दयनीय बना दिया है। भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना एवं भारतीय नौसेना के कर्मी वर्तमान में पहाड़ी गांवों की तरफ जा रहे हैं, जहां एक बहती नदी घरों से होकर बह गई है। इस घटना के पश्चात् कई व्यक्तियों को विस्थापित कर दिया गया है।

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