आतंक से त्रस्त पाकिस्तान का ढीला पड़ा कश्मीर मसला

Feb 06 2016 08:16 PM
आतंक से त्रस्त पाकिस्तान का ढीला पड़ा कश्मीर मसला

पाकिस्तान द्वारा कश्मीर दिवस मनाया गया। दरअसल पाकिस्तान कश्मीर दिवस के माध्यम से इस बात की मांग करता रहा है कि वह कश्मीर भारत से लेकर रहेगा। हालांकि अब पाकिस्तान के राजनीतिक हालात उतने कठोर नहीं रहे जिसकी वजह से पाकिस्तान कश्मीर पर अपना हक कड़ाई से जता सके। पाकिस्तान आतंकवाद को आश्रय देता रहा है, लेकिन अब स्वयं पाकिस्तान आतंकवाद से त्रस्त है। जहां पाकिस्तान में तालिबानी आतंकवादी आतंक मचाते हैं तो वहीं पाकिस्तान के अधिकार वाले कश्मीर के बलूचिस्तान में लोग पृथक राष्ट्र की मांग करते हैं।

यहां के हालात भी बेहद दयनीय हैं। पाकिस्तानी सेना यहां पर उन लोगों का दमन कर रही है जो अलग राष्ट्र की मांग करते हैं। दरअसल पाकिस्तान खुफिया एजेंसी आईएसआईएस, सेना और पाकिस्तान की राजनीति के बीच पिस गया है। पाकिस्तान की सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि पाकिस्तान में राजनीतिक हालात पूरी तरह से प्रधानमंत्री की सत्ता से केंद्रीत नहीं है।

वहां सेना अपनी ताकत का उपयोग कर लेती है। ऐसे में पाकिस्तान भारतविरोधी रूख अपनाता है। हालांकि पाकिस्तान के कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां तालिबान समर्थित आतंकवाद हावी है। इस क्षेत्र में अब आईएसआईएस का भी प्रभाव बढ़ सकता है। ऐसे में पाकिस्तान के लिए स्थिति काफी खराब है। हालांकि पाकिस्तान भारत के पठानकोट जैसे हमलों को लेकर जांच कार्रवाई जरूर कर रहा है लेकिन यह जांच आगे नहीं बढ़ रही है।

ऐसे में पाकिस्तान का ढुलमुल रवैया सामने आने लगा है। यही नहीं पाकिस्तान प्रारंभ से ही कश्मीर विरोधी रूख अपनाता रहा है। कश्मीर को हथियाने के लिए पाकिस्तान भारत के विभिन्न क्षेत्रों में आतंकियों को भेजता रहा है। ऐसे में भारत - पाकिस्तान के विवादित मसलों को दूर किया जाना काफी मुश्किल होता जा रहा है।

हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी ओर से पाकिस्तान की यात्रा कर भारत - पाकिस्तान के बीच दूरी बढ़ाई है लेकिन पाकिस्तान के हालातों से मजबूर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ भारत और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रहे आतंक को रोकने में अपनी ओर से सीमित कदम ही बढ़ा रहे हैं।