फेसबुक पर छलका शहीद की बेटी का दर्द, वीडियो हुआ वायरल

जालंधर : फेसबुक जैसे सोशल मीडिया का सार्थक प्रयोग करते हुए कारगिल में शहीद हुए एक जवान की बेटी ने भारत-पाकिस्तान की सरकारों को कुछ समझाने की कोशिश की है। उसके अनुसार, शांति की अपेक्षा करना और शांति के लिए कदम उठाना, दोनों अलग-अलग बातें है। 19 साल की गुरमेहर के पिता कप्तान मनदीप सिंह कारगिल में शहीद हुए थे। जालंधर की रहने वाली गुलमेहर ने अपने पिता को सीमा की लड़ाई में खो दिया था। उस समय वो महज 2 साल की थी।

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अंग्रेजी में दिए अपने संदेश में गुलमेहर ने 30 पोस्टरों का सहारा लेकर अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि पिता के न होने पर कैसा महसूस होता है इसकी यादें मेरे पास ज्यादा हैं और मुझे याद है मैं पाकिस्तान और पाकिस्तानियों से कितनी नफरत करती थी क्योंकि उन्होंने मेरे पिता को मार डाला। गुर ने लिखा कि छह साल की उम्र में उन्होंने एक बुरक़ा पहनी हुई महिला को मारने की कोशिश की क्योंकि पता नहीं किस वजह से मुझे ऐसा लगता था कि वही मेरे पिता की मौत की जिम्मेदार है और आज मैं भी अपने पिता की तरह एक सैनिक हूं।

मैं भारत - पाकिस्तान के बीच शांति के लिए लड़ रही हूं। वीडियो में गुलमेहर ने कहा है कि हम तीसरी दुनिया के नेतृत्व के साथ विकसित होने का सपना नहीं देख सकते। बहुत हो गया सरकार द्वारा प्रायोजित आतंकवाद, जासूसी, नफरत....बस बहुत हुआ।

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