कानपुर: सुरों के साथ करेंगे इलाज

जब भी आप अपनी पसंद का कोई संगीत सुनते हो तो  ऐसा लगता है ना जैसे आप सुरों के, या यूँ कहें की उस ध्वनि के सहारे किसी दूसरी दुनिया में पहुँच रहे है, एक असीम शांति का अनुभव कर रहे है, एक प्रकाश आपके आस पास फैला हैं. मन प्रफुल्लता से भरा जा रहा है.  इसी बात पर रिसर्च करके वैज्ञानिकों ने खोज निकला है वो तरीका जिसे उन्होंने नाम दिया है "म्यूजिक थेरेपी".

इसी म्यूजिक थेरेपी को लोक कल्याण में उपयोग करने का काम कानपूर के युवा कर रहे है, इन युवाओं को जुटाने की पहल रेडक्रॉस सोसाइटी कर रही है, यह सोसाइटी काम दामों पर दवा उपलब्ध करने के काम भी करती है, पर गोलियों के साइड इफ़ेक्ट और मरीज़ों की हालत को देखते हुए उन्होंने इस प्राचीन थेरेपी को अपनाया, जो भारत में कई सदियों से विद्यमान थी, पर कुछ छिप गयी थी. 
 
कानपूर के युवाओं ने और रेडक्रॉस सोसाइटी ने इस बारे में बताया की जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में मरीज को संगीत के जरिये कोमा जैसी बीमारी से बाहर आने में मदद मिल चुकी है, और भी ढेरों उदहारण उन्होंने साझा किये. इसीलिए अब उन्होंने तय किया है की वे रोज़ाना अपने  आस पास के अस्पताल में जाकर मरीज़ों  को उनकी पसंद के गीत सुनाएंगे और म्यूजिक थेरेपी से उनकी बीमारी दूर करने के प्रयास करेंगे उन्हें आशा है की वे कामयाब होंगे.

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