मेरे पास फोन भी नहीं, खाते में केवल 200 रुपए

पटना : फुल फ्लेज में राजनीति में आने से पहले उसके लिए जमीन तैयार करने में जुटे जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने भी गरीबी के नाम पर खेलना सीख लिया है। उनका कहना है कि न तो उनके पास मोबाइल फोन है और तो और उनके खाते में भी मात्र 200 रुपए है। अपनी दो दिवसीया यात्रा के तहत पटना पहुंचे कन्हैया ने ये बातें उन आरोपों का खंडन करते हुए कहा जिसमें कहा जा रहा था कि उन्होने अपने लिए एक पब्लिक रिलेशन ऑफिसर नियुक्त किया है, उनके पास आईफोन है और वो बिजनेस क्लास में सफर करते है।

कन्हैया ने कहा कि मुझे पब्लिक रिलेशन ऑफिसर की क्या जरुरत है। जो लोग ऐसी अफवाह फैला रहे है, वो ताकतवर दल का हिस्सा है। ये लोग मेरे उस अभियान के खिलाफ है, जो मैंने जेएनयू के 8000 छात्रों के साथ मिलकर शुरु किया है। आगे कन्हैया ने कहा कि मेरी यात्रा का खर्च आयोजन कर्ता उठाते है, जो मुझे सभा को संबोधित करने के लिए आमंत्रित करते है।

जेएनयू छात्र ने कहा कि जुलाई 2015 के बाद से मुझे मेरी छात्रवृति भी नहीं मिली है। मैं एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का बेटा हूँ औऱ मेरे पिता फिलहाल लकवा से पीड़ित है। मैं जेएनयू के सैकड़ों छात्रों की मदद से गुजारा कर रहा हूँ। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के सफाईकर्मियों और मैला ढोने वाले एक समूह ने जेनयू प्रशासन द्वारा उन पर लगाया गया जुर्माना अदा करने के लिए 10,000 रुपए इकठ्ठा किए हैं।

कन्हैया ने कहा कि मैंने उन्हें धन्यवाद कहा और बताया कि मैं जुर्माना नहीं दूंगा। उनके द्वारा एकत्रित की गई रकम साबित करती है कि अगर आप किसी लक्ष्य के लिए सही दिशा में कदम बढ़ाएंगे तो इस देश के लोग आपकी मदद के लिए आगे आएंगे। यह भारत की खूबसूरती है। यदि कोई मेरे बैंक खाते के बारे में जानना चाहे, तो आरटीआई दाखिल कर जान सकता है। गरीबों के बारे में बात करना मेरे लिए फैशन का हिस्सा नहीं है।

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