बसंत पंचमी पर की जाती है कामदेव की पूजा, जानिए कौन थे वह

Feb 09 2019 06:20 PM
बसंत पंचमी पर की जाती है कामदेव की पूजा, जानिए कौन थे वह

आप सभी को बता दें कि हिंदू धर्म में बसंत पंचमी का त्यौहार बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है. ऐसे में सभी जानते हैं कि इस साल बसंत पंचमी 10 फरवरी, 2019 को मनाई जाने वाली है. कहते हैं बसंत पंचमी वसंत की शुरुआत का प्रतीक मानी जाती है और हर साल माघ के पांचवें दिन यह मनाई जाती है. बसंत पंचमी के दिन लोग पीले वस्त्र पहनते हैं, पीली वस्तुओं का दान करते हैं और पीले खेतों में जाते हैं. इस दिन खेतों में पीले फूल खिलेखिले दिखाई देने लगते हैं. ऐसे में आप सभी को बता दें कि इस दिन 'प्यार के देवता' कामदेव की भी पूजा की जाती है. जी हाँ, वसंत ऋतु को कामदेव की ऋतु मानी जाती है और कहा जाता है कि इस मौसम में मनुष्य के शरीर में विभिन्न तरह के बदलाव होते हैं और उससे वह कामेक्षा को जानता है. आप सभी को बताए दें कि बसंत ऋतु को खुशनुमा और प्यार का मौसम भी माना जाता है. आइए जानते हैं कौन हैं कामदेव.

कामदेव - पुरानी कथाओं की माने तो कामदेव को भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी का पुत्र माना जाता है वहीं कुछ लोग मानते हैं कि कामदेव स्वयं ब्रह्माजी के पुत्र हैं और इनका संबंध भगवान शिव से भी है. इसी के साथ हिन्दू धर्मग्रंथों में कामदेव को प्रेम और आकर्षण का देवता कहा जाता है और वसंत और कामदेव काफी घनिष्ठ मित्र थे और इसी वजह से बसंत पंचमी पर कामदेव की भी पूजा की जाती है. इसी के साथ बसंत पंचमी को रतिकाम महोत्सव भी कहा जाता है क्योंकि इस दिन कामदेव के साथ ही उनकी पत्नी रति की भी पूजा करते हैं.

बसंत पंचमी: पश्चिम बंगाल में बन रही विश्व की सबसे ऊँची सरस्वती प्रतिमा, जानिए इसकी विशेषता

क्या आप जानते हैं बसंत पंचमी का सामजिक और पौराणिक महत्व

9 या 10 फरवरी, यहाँ जानिए कब मना जाएगा बसंत पंचमी का त्यौहार