कजरी तीज के दिन इस विधि से करें पूजन, सुहागिन महिलाएं जरूर करें ये काम

भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को कजरी तीज मनाई जाती है। आपको बता दें कि राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार में तीज का त्योहार काफी धूमधाम से मनाया जाता है। जी दरअसल सावन और भाद्रपद में तीन तरह की तीज आती हैं। अब अगर बात करें कजरी तीज की तो यह रक्षा बंधन के तीन दिन बाद और कृष्ण जन्माष्टमी के पांच दिन पहले मनाई जाती है। आपको बता दें कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। जी दरअसल कजरी तीज का व्रत सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए रखती हैं। इसके अलावा इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं और पूरे दिन निर्जल व्रत रखती हैं। वैसे कजरी तीज का व्रत कुंवारी लड़कियां भी रख सकती हैं। अब हम आपको बताते हैं पूजा विधि। 

कजरी तीज पूजा विधि- इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहन लें। इस दिन निर्जल व्रत रखा जाता है। लेकिन अगर आप गर्भवती हैं तो फलाहार कर सकती हैं। पूजा करने से पहले मिट्टी के शिव-पार्वती बना लें। उसके बाद आप शिव-पार्वती की प्रतिमा की पूजा भी कर सकती हैं। अब माता पार्वती को सुहाग का सारा सामना चढ़ाएं और पूजा करें। पूजा के बाद ब्राह्मणों को भोजन कराएं और दान-दक्षिणा दें। इसके बाद आप घर में मौजूद सभी बड़ी महिलाओं को पैर छूकर आशीर्वाद लें। रात में चांद निकलने से पहले पूरा श्रृंगार कर लें। इसके बाद हाथ में गेहूं के दाने लेकर चंद्रमा  को अर्घ्य दें और भोग चढ़ाएं। फिर उसी स्थान पर घूमकर चार बार परिक्रमा करें। इसके बाद आप अपना व्रत खोल सकत हैं। 

कजरी तीज के दिन सुहागिन महिलाएं जरूर करें ये काम- कहा जाता है इस दिन लाल रंग के कपड़े और हरी रंग की चूड़ियां पहनना काफी शुभ माना जाता है। इसके अलावा इस दिन महिलाओं को माता-पिता द्वारा भेजे गए उपहारों जैसे कपड़े, श्रृंगार, मिठाई, फल आदि का प्रयोग करना चाहिए। इसी के साथ कजरी तीज पर कजरी माता की कथा सुनना काफी अच्छा माना जाता है।

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