ज्येष्ठ के महीने में इस काम को करने से हो सकते हैं मालमाल

चंद्र मास का तीसरा महीना ज्येष्ठा, ज्येष्ठा नक्षत्र के नाम से जाना जाता है। आप सभी को बता दें कि चंद्र मास के सभी महीने नक्षत्रों के नाम से ही लिए जाते हैं और ज्येष्ठा का अर्थ होता है बड़ा। ऐसे में इस माह में जल से सम्बन्धित शुभ कार्य और पर्व मनाए जाते हैं जैसे निर्जला एकादशी। कहते हैं इसका पुण्य साल भर के एकादशी व्रतों के समान प्राप्त होता है। केवल यही नहीं बल्कि इसके अतिरिक्त सूर्य ग्रहण, वट अमावस्या, सावित्री जयंती, गंगा दशहरा, प्रदोष, गायत्री जयंती इत्यादि कई विशेष पर्व व दिवस पड़ने वाले हैं। आप सभी को बता दें कि इस एक महीने में कई ऐसे कार्य हैं जो किये जाए तो जीवन सफल हो जाता है। आज हम आपको उन्ही कामों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हे करने से जीवन में सुख-समृद्धि और धन आता है। 

* कहा जाता है ज्येष्ठा मास के पहले दिन से ही सूर्य नारायण को उदय होते समय जल चढ़ाना चाहिए। इसके अलावा जल में थोड़ा गंगा जल मिलाकर अर्पित करें। इसी के साथ ॐ भास्कराय नमः का जाप करते हुए उनसे तेजस्वी होने की प्रार्थना करें।

* ज्येष्ठा मास अत्यंत गर्म महीना होता है। ऐसे में इस माह में मुसाफिरों के लिए पानी का दान करने से वैकुंठ की प्राप्ति होती है। जी हाँ और अगर आप ऐसा प्रतिदिन करते हैं तो आपके लिए इस लोक व परलोक के भी द्वार सुखद हो जाते हैं।

* इस महीने में घर आए मेहमानों को मीठा जल पिलाने से ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। इसके अलावा कारोबार में रुकावट नहीं आती।

* ज्येष्ठा मास में जल का सेवन मिट्टी के पत्र में करने से स्वास्थ्य तो अच्छा रहता है और इससे शुक्र भी शुभ परिणाम देता है। जी हाँ और धन का बहाव निरंतर घर में बना रहता है।

* इस महीने में प्रतिदिन गंगा जल के पात्र या कुंभ की पूजा करने से अपार धन की प्राप्ति होती है।

* ज्येष्ठा महीने में आम का दान या रसीले फलों का दान करने से कर्ज़ मुक्ति मिलती है।

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