किशोर न्याय संशोधन बिल लोकसभा में पारित

May 07 2015 07:27 PM
किशोर न्याय संशोधन बिल लोकसभा में पारित

नई दिल्ली : अब 16 से 18 आयुवर्ग के जघन्य अपराध करने वाले बच्चों पर वयस्कों की तरह मुकदमा चलाए जाने के प्रावधान का रास्ता साफ हो गया है, क्योंकि लोकसभा में आज किशोर न्याय (संशोधन) बिल पारित हो गया है। किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण) विधेयक, 2014 संशोधन, मौजूदा किशोर न्याय अधिनियम, 2000 की जगह लेगा, नए विधेयक में छोटे, गंभीर और जघन्य अपराधों को स्पष्ट तौर पर परिभाषित और श्रेणीबद्ध किया गया है। इसके साथ ही हर श्रेणी के अपराध के लिए विभेदित प्रक्रियाओं को भी परिभाषित किया गया है।

पिछले साल अगस्त 2014 में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने लोकसभा में किशोर न्याय (देखभाल एवं संरक्षण) बिल पेश किया था, विधेयक को एक स्थाई समिति को भेज दिया गया था, जिसने कानूनी तौर पर किशोर की उम्र 18 वर्ष रखने की सिफारिश की थी, हालांकि, सरकार ने समिति की सिफारिशों को नजरअंदाज करते हुए, जघन्य मामलों में किशोर की उम्र घटाकर 16 साल करने का फैसला किया था।