चाचा-भतीजा सरकार के पहले ही दिन बिहार में पत्रकार की हत्या, बाइक सवारों ने मारी गोलियाँ

जमुई: बिहार में सरकार बदलते ही ‘जंगलराज’ के लक्षण की झलक देखने को मिल गई है। दूसरी तरफ JDU सुप्रीमो नीतीश कुमार (Nitish Kumar) एवं RJD सुप्रीमो लालू यादव (Lalu Yadav) के बेटे तेजस्वी (Tejashwi Yadav) मिलकर सरकार बना रहे थे, उधर बिहार में एक पत्रकार का दिनदहाड़े क़त्ल हो रहा था। मामला बिहार के जमुई जिले के सिमुलतला थाने के गोपालामारण गाँव के पास की है। यहाँ बदमाशों ने दैनिक प्रभात खबर के पत्रकार का दिनदहाड़े गोली मारकर क़त्ल कर दिया। बदमाशों ने पाँच गोलियाँ मारीं, जो पत्रकार के सीने और सिर में लगीं और मौके पर ही दम तोड़ दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, बाइक सवार बदमाशों ने जिस पत्रकार को गोली मारी है, उसका नाम गोकुल यादव है। गोकुल यादव की आयु 35 साल है तथा वह सिमुलतला क्षेत्र के लीलावरण गाँव का रहने वाले थे। कहा जा रहा है कि गोकुल तकरीबन 11 बजे फसल में डालने के लिए दवा लाने के लिए सिमुलतला के लिए घर से निकले थे। इसी के चलते घर से तकरीबन एक किलोमीटर दूर दो बाइक पर सवार पाँच बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोली चलानी आरम्भ कर दी। पहले से ही घात लगाकर बैठे बदमाशों के इस हमले में पत्रकार की मौके पर ही मौत हो गई।

वही क़त्ल के पीछे पंचायत चुनाव को लेकर रंजिश बताई जा रही है। गोकुल यादव की पत्नी इस बार पंचायत चुनाव में खुरंडा पंचायत से मुखिया पद के लिए चुनाव लड़ी थी, किन्तु जीत नहीं पाई। बताया जा रहा है कि चुनाव लड़ने की वजह से गाँव के कुछ लोगों ने हाल ही में यादव के साथ मारपीट भी की थी। थाने में दोनों तरफ से मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। मृतक के पिता नागेंद्र यादव के मुताबिक, पंचायत चुनाव की वजह से ही इस हत्या को अंजाम दिया गया है। जिन लोगों ने पूर्व में इसके साथ मारपीट की थी, उन्हीं व्यक्तियों ने इसका क़त्ल किया है। घरवालों से प्राप्त हुई शिकायत के आधार पर पुलिस ने दर्ज कर लिया है तथा मामले में 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। पिछली बार भी जब RJD के साथ मिलकर नीतीश कुमार ने सरकार बनाई थी, तब सिवान के पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या हुई थी। इस हत्याकांड में सिवान से RJD के बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन का नाम सामने आया था। इस घटना में नीतीश कुमार की खूब किरकिरी हुई थी। राजदेव रंजन की पत्नी आशा ने नीतीश कुमार की पुलिस पर अविश्वास व्यक्त करते हुए CBI जाँच की माँग की थी। तत्पश्चात, नीतीश कुमार अपनी गर्दन छुड़ाते हुए इस केस को CBI को सौंप दिया था। यह मामला अभी कोर्ट के विचाराधीन है।

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