JNU कैंपस में मनाई गई अफजल गुरु की बरसी, लगे देश विरोधी नारे

Feb 11 2016 12:21 PM
JNU कैंपस में मनाई गई अफजल गुरु की बरसी, लगे देश विरोधी नारे

नई दिल्ली : जो संस्थान कभी अपनी बिना रुके, बिना थके तर्कपूर्ण वाद-विवाद के लिए जाना जाता था, आज वही संस्थान विवादों में आ गया है। जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय हमेशा से छात्रों के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात करता आया है, लेकिन जब इसी स्वतंत्रता का नाजायज फायदा उठाने लगता है, तो लगाए जाते है देश विरोधी नारे।

मंगलवार की देर रात जेएनयू कैंपस में छात्रों ने संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की तीसरी बरसी पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें कुछ कश्मीरी, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र थे। इतना ही नही जब प्रशासन की ओर से उन्हें रोकने का प्रयास किया गया तो वो कश्मीर की आजादी का नारा लगाने लगे।

इसके बाद अखिल भारतीय विद्दार्थी परिषद् ने जेएनयू छात्रसंघ के संयुक्त सचिव सौरभ शर्मा के नेतृत्व में आयोजन का विरोध किया तो उनके खिलाफ भी नारे बाजी शुरु हो गई और उन पर इल्जाम लगाया गया कि उन्होने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को कट्टा दिखाकर डराया है।

बुधवार को इस संबंध में सभी छात्र खामोश रहे। उनका कहना है कि भारतीय संविधान उन्हें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है और इसी के तहत उन्होने अफजल गुरु व जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के संस्थापक मकबूल भट्ट की याद में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया। यूनिवर्सिटी में हुई इस देश विरोधी गतिविधियों के संबंध में कुलपति प्रो एम जगदीश कुमार ने जांच के आदेश दिए है।

अब चीफ प्रोक्टर की अध्यक्षता में गठित कमेटी इसकी जांच करेगी। जेएनयू छात्रसंघ के संयुक्त सचिव सौरभ शर्मा बताया कि कैंपस मे जो हुआ वह सब हैरान करने वाला था। अक्सर कैंपस मे कश्मीर की आजादी के समर्थन की बाते तो खूब सुनी थी, लेकिन ऐसे खुलेआम दिल्ली पुलिस व विश्वविद्यालय सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी मे देश विरोधी नारे लगाने की घटना बेहद हैरान करने वाली है। सौरभ ने कहा कि उन्होंने जब इसका विरोध किया तो पहले तो शोर के जरिये उनकी आवाज दबाने की कोशिश हुई, फिर मारपीट का प्रयास हुआ।