12 साल बाद पहली बार जेट एयरवेज मुनाफे में

नई दिल्ली: देश की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइंस कंपनी जेट एयरवेज पहली बार 12 सालों बाद प्रॉफिट में आई है. वितीय वर्ष 2014-15 में कंपनी को 2,097 करोड़ का नुकसान हुआ था, लेकिन अब कंपनी 1,212 करोड़ रुपए के लाभ पर पहुंच गई है।

इससे पहले कंपनी को 2007 में 27.9 करोड़ का फायदा हुआ था. सस्ते एयर टरबाइन फ्यूल यानी जेट फ्यूल, एयर ट्रैफिक में बढ़ोतरी और टिकट पर डिस्काउंट से बढ़ी सेल्स का फायदा कंपनी को मिला है. अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के दामों में गिरावट आने से जेट फ्यूल 15 प्रतिशत सस्ता हो गया।

कंपनी की बैलेंस शीट से पता चलता है कि पिछले साल के मुकाबले फ्यूल के दामों में 26 प्रतिशत की कमी आी है. कंपनी ने डिस्काउंट सेल चलाकर भी खूब मुनाफा कमाया. एक साल में जेट एयरवेज का एयर ट्रैफिक 14.8 फीसदी से बढ़कर 2.58 करोड़ पैसेंजर हो गया है।

यानी एक साल में जेट में इतने पैसेंजर्स ने जेट की उड़ान भरी. ऑपरेटिंग कॉस्ट को कम करने के लिए बोइंग 737 फ्लीट की ऑपरेशन इफिशिएंसी बढ़ाकर 13.01 घंटे की गई. जेट एयरवेज का मार्केट शेयर 15.9 प्रतिशत, एयर इंडिया का 15.1 प्रतिशत और स्पाइस जेट का 13 फीसदी है।

एविएशन एक्पसर्ट हर्षवर्द्धन ने बताया कि एयरलाइंस कंपनियों को सबसे अधिक मुनाफा फ्य़ूल कॉस्ट में कमी आने से हुई है.  जेट एयरवेज को एक साल में हुआ यह सबसे अधिक फायदा है।

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