खुद बुर्के को बुरा बताने वाले जावेद अख्तर ने भगवाधारियों को कहा गुंडों की भीड़

मशहूर गीतकार जावेद अख़्तर हमेशा अपने बयानों के चलते सुर्ख़ियों में रहते हैं। अब हाल ही में उन्होंने हिजाब विवाद पर बयान दिया है। जी दरअसल उन्होंने एक ट्वीट किया है जिसमे उन्होंने कहा है कि, 'वे कभी भी हिजाब या बुरक़ा के पक्ष में नहीं रहे हैं।' इसी के साथ आगे उन्होंने कहा कि, 'अब भी वे अपने इस रुख़ पर क़ायम हैं।' आप देख सकते हैं जावेद अख़्तर ने ट्वीट कर लिखा है- 'मैं कभी भी हिजाब या बुरक़ा के पक्ष में नहीं रहा हूँ। मैं अब भी उस पर क़ायम हूँ। लेकिन साथ ही उन गुंडों की भीड़ के लिए मेरे मन में बड़ा तिरस्कार है, जो कुछ लड़कियों को डराने की कोशिश कर रहे हैं और उसमें भी वे सफल नहीं हो पा रहे हैं। क्या ये उनकी मर्दानगी की अवधारणा है। बहुत अफ़सोस की बात है।'

आप सभी को बता दें कि कर्नाटक के हिजाब विवाद पर कई लोगों ने अपनी-अपनी राय ज़ाहिर की है। इस लिस्ट में कई बड़े-बड़े नेता भी शामिल हैं। एक तरफ असदउद्दीन ओवैसी और प्रियंका गांधी जैसे नेताओं ने कहा है कि ये महिलाओं का अधिकार है कि वे क्या पहनें। वहीं दूसरी तरफ बीजेपी और शिवसेना ने कहा है कि कॉलेज में यूनिफॉर्म पहनना चाहिए और शिक्षा के केंद्र को धार्मिक मुद्दों से अलग रखना चाहिए।

आप सभी को बता दें कि बीते दिनों कर्नाटक से उठे इस विवाद के बाद जावेद अख़्तर का एक पुराना ट्वीट भी वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने बुरक़े का विरोध किया था। यह ट्वीट साल 2011 का है। इस ट्वीट में उन्होंने लिखा था कि, 'बुर्का बुनियादी मानवाधिकारों को कम करता है, भले ही बुर्का पहनने वाली महिला इस बारे में न जानती हो। बुर्का बुनियादी मानवाधिकारों में कटौती करता है, भले ही बुर्के के अंदर की महिला को इसके बारे में पता न हो।'

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