J&K सरकार की SC से अपील, पाक कैदी कर रहे दूसरों को गुमराह, इन्हे तिहाड़ में भेजो

नई दिल्‍ली : पुलवामा में हुए आत्मघाती आतंकी हमले के बाद देश की जेलों में कैद पाकिस्‍तानी कैदियों को लेकर भी सरकारें अलर्ट हैं। इसी के तहत जम्‍मू और कश्‍मीर सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करते हुए कहा है कि जम्‍मू की जेल में बंद सात पाकिस्‍तानी कैदियों को सुरक्षा कारणों के चलते दिल्‍ली की तिहाड़ जेल शिफ्ट किया जाए। इस पर शीर्ष अदालत ने केंद्र और दिल्‍ली सरकार से जवाब तलब किया है। जम्मू कश्मीर सरकार ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि ये पाकिस्तानी कैदी स्थानीय कैदियों को गुमराह कर रहे हैं।

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पुलवामा आतंकी हमले के बाद देश के विभिन्न हिस्‍सों में कश्‍मीरी छात्रों से मारपीट मामले की सुनवाई शीर्ष अदालत में शु्क्रवार को की गई। इस दौरान कश्मीरी मुस्लिम छात्रों को सुरक्षा देने की मांग पर सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार और 11 राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया है। शीर्ष अदालत ने निर्देश दिए हैं कि सभी प्रदेश सरकारें, कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाएं। मॉब लिंचिंग मामलों को देखने के लिए पहले से नियुक्त नोडल ऑफिसर भी उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें। शीर्ष अदालत ने कहा है कि अदालत के आदेश और सुरक्षा की व्यवस्था का व्यापक प्रचार हो। इस मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी को होने वाली है।

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शीर्ष अदालत ने सभी प्रदेशों के चीफ सेक्रेटरी, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्र सरकार को आदेश जारी किए हैं कि कश्मीरी छात्रों व अन्य अल्पसंख्यकों के विरुद्ध हमले, बहिष्कार व अन्‍य घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए उचित कदम उठाए जाएं। अदालत ने केंद्र को मामले में नोडल अफसर को नियुक्त करने के आदेश भी जारी किए हैं। प्रदेशों में पूर्व में मॉब लिंचिंग मामलों में नियुक्त नोडल अफसर इस तरह के मामलों को भी देखेंगे।

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