धारा 370 हटने से टूटी कश्मीर की अर्थव्यवस्था, चार महीने में हुआ 15 हजार करोड़ का नुकसान

धारा 370 हटने से टूटी कश्मीर की अर्थव्यवस्था, चार महीने में हुआ 15 हजार करोड़ का नुकसान

नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा 5 अगस्त को जम्मू कश्मीर से धारा 370 के प्रावधानों को ख़त्म करने के बाद से राज्य की अर्थव्यवस्था को 15,000 करोड़ रुपये की क्षति पहुंची है. एक व्यापारिक संगठन ने यह दावा किया है. संगठन का कहना है कि यह केवल एक 'मोटा अनुमान' है. उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाली संविधान की धारा 370 के प्रावधानों को समाप्त करते हुए उसे दो केन्द्र शासित प्रदेशों लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में विभाजित कर दिया है.

कश्मीर चैंबर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (KCCI) के अध्यक्ष शेख आशिक हुसैन ने मीडिया से कहा कि, "हमारा एक मोटा अनुमान है कि 5 अगस्त के बाद उत्पन्न हुई स्थिति से कश्मीर की अर्थव्यवस्था को अब तक 15,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. हम एक हफ्ते में इसके व्यापक आंकड़े लेकर आएंगे." हुसैन ने आगे कहा कि अर्थव्यवस्था को होने वाली क्षति से ज्यादा चिंता की बात इंटरनेट सेवाएं बंद होने, आंदोलन और हड़ताल से हुआ रोजगार का नुकसान है. हुसैन ने कहा कि केन्द्र साकार के फैसले से हस्तशिल्प, पर्यटन और ई-कॉमर्स क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं.

हालांकि उन्होंने आगे यह भी कहा कि, अब अधिकतर अंकुश हटा लिए गए हैं, किन्तु सभी प्लेटफॉर्म पर इंटरनेट सेवाओं और प्रीपेड मोबाइल सेवाओं पर अब भी प्रतिबन्ध लगा हुआ है. उन्होंने कहा कि संचार सेवाओं के अभाव में हस्तशिल्प क्षेत्र में ही 50,000 लोगों ने रोजगार खोया है. क्षेत्र को इस कारण नए ऑर्डर नहीं मिल पा रहे हैं.

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