जम्मू कश्मीर: बीफ बैन विवाद पर हाई-कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी किया

Sep 17 2015 06:36 PM
जम्मू कश्मीर: बीफ बैन विवाद पर हाई-कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी किया

जम्मू  : जम्मू कश्मीर में गौमांस प्रतिबंध मामले को लेकर जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायलय ने बुधवार को राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए राज्य में गौजातीय वध अपराधीकरण संवैधानिक प्रावधानों को हटाने की मांग में दायर रिट याचिका में अपना जबाव दायर करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। खबर है की गौजातीय वध को अपराध माना जाता है को हटाने की मांग में अफजल कादरी द्वारा उनके वकील सैयद फैसल कादरी द्वारा दायर रिट याचिका की सुनवाई के बाद जस्टिस मोहम्मद याकूब मीर और भंसी लाल भट्ट के खंडपीठ ने नोटिस जारी किया।

कोर्ट ने फैसल कादरी की याचिका को स्वीकार किया और सरकार को अपना जवाब दायर करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया। उन्होने कहा कि अदालत ने यह भी माना कि याचिका आर.पी.सी. के प्रावधानों को हटाने या संशोधित करने की मांग करने वाले विधायिका के मामले में कोई बाधा नही है। कादरी ने कहा कि उन्होने धारा 298 ए, 298 बी, 298 सी और 298 डी के रुप में आर.पी.सी. के अध्याय 15 के तहत शामिल प्रावधानों को इस आधार पर चुनौती दी है कि वह भारत के साथ साथ जम्मू-कश्मीर के संविधान की धाराएं 14,21 ,25 और 29 के लिए अधिकातीत है।

अपनी याचिका में कादरी ने कहा कि उक्त प्रावधान याचिकाकर्ता की व्यक्तिगत स्वतंत्रता के साथ सीधा हस्ताक्षेप के अलावा धार्मिक के साथ साथ निजी जीवन में घुसपैठ के रुप में इजाजत देता है। पिछले सप्ताह जम्मू विंग के उच्च न्यायलय के खंडपीठ ने पुलिस को राज्य में गौमांस प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए थे। व इस आदेश को लगाववादी और धार्मिक संगठनों ने अपने धार्मिक मामलो में हस्ताक्षेप करार दिया है.