जयदेव कपूर एक स्वंत्रता सैनानी

Sep 19 2017 08:44 AM
जयदेव कपूर एक स्वंत्रता सैनानी

भारत की स्वाधीनता के लिए कई वीरों ने अपने प्राणों की आहूति दी थी। कुछ ऐसे थे जिनका नाम आज भी देशवासी लेते हैं, कुछ ऐसे थे जिनके, नाम कुछ लोगों को याद हैं और कई लोगों को उनके बारे में जानकारी नहीं है लेकिन, कुछ क्रांतिकारी और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ऐसे भी हैं, जिनके बारे में कोई नहीं जानता। भारत को स्वाधीन करवाने में इन लोगों ने अपने प्राण बलिदान कर दिए लेकिन, इनके बारे में कोई नहीं जानता।

ऐसा ही एक नाम था जयदेव कपूर। जयदेव कपूर हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के महान क्रांतिकारियों में से एक थे। जयदेव कपूर का जन्म दिवाली की तिथि पर 1908 में हुआ था। उनके जन्मोत्सव पर परिवार के सदस्यों ने जमकर दीपावली मनाई थी।

वे 9 अप्रैल 1929 में शहीद ए आजम भगत सिंह से मिले। उन्होंने भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त के लिए असेंबली में बम फैंकने हेतु बमों का प्रबंध किया। उन्होंने इस बात का प्रबंध किया कि आखिर ये दोनों ही क्रांतिकारी किसी भी तरह से असेंबली में पहुॅंच सकें। वे शहीद चंद्रशेखर आज़ाद से मिले और उनके विचारों से प्रभावित हुए। 

क्रांति की मशाल को आगे बढ़ाने के प्रयास में  जयदेव कपूर ब्रिटिश पुलिस के हाथ आ गए। बाद में उन्हें आजीवन सेलुलर जेल में रखा गया। जयदेव कपूर ने भारत की स्वाधीनता का स्वर्णिम दौर देखा और 19 सितंबर 1994 को अंतिम सांस ली।

आतंकियों के संपर्क में हैं रोहिंग्या मुसलमान: केंद्र सरकार

केंद्रीय मंत्री ने इंडिया गेट पर की सफाई

सामान्य ज्ञान: भारत में पहली बार

?