जहां तू नहीं वह जिंदगी नहीं

जहां तू नहीं वह जिंदगी नहीं

वो जगह किस काम की,

जहा तेरा जिक्र न हो ,

वह तन्हाई किस काम की,

जहा तेरी याद न हो,

वह भरोसा किस काम का,

जहा रिश्ता ही न हो ,

जरुरी है अपनी मजिल हासिल करना

पर वह उचाई किस काम की,

जो मेरी काम की न हो ।