मानवाधिकारवादी जानबूझकर सुरक्षा बलों पर लगाते है मानवाधिकार हनन का आरोप

जगदलपुर। हाल ही में बस्तर एसपी आरएन दास ने बतया की,देश के बडे शहरों से बस्तर आकर कुछ तथाकथित मानवाधिकारवादी जानबूझकर सुरक्षा बलों पर मानवाधिकार हनन का आरोप लगा कर पुलिस की नक्सल विरोधी मुहिम प्रभावित करने की कोशिश करते हैं। इस काम के बदले उन लोगों को नक्सलियों और विदेशों से मोटी रकम मिलती है। 

महिला मानवाधिकार प्रतिरक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि की आसंदी से उन्होंने कहा कि बस्तर को नक्सलवाद ने वषोर्ं से जकड़ रखा है। इतना ही नहीं उन्होंने कहा की  नक्सली महिलाओं को भोग-विलास की वस्तु समझते हैं और मुठभेड़ में ढ़ाल की तरह इस्तेमाल करते हुए महिला नक्सलियों की जान जोखिम मे डालकर खुद सुरक्षित घेरे मे रहते हैं। नक्सलियों के यह सभी कृत्य महिलाओं के मानवाधिकारों के हनन की श्रेणी मे आते हैं। 

उन्होंने नक्सलवादियों से जुड़े स्थानीय ग्रामीणों को भी नक्सल पीड़तकी संज्ञा देते हुऐ कहा कि वास्तव में नक्सली ही महिलाओं का शोषण करते हैं। इस यथार्थ को दुनिया के सामने रखने की आवश्यकता है। शिवि डेव्हलपमेंट सोसायटी, दिल्ली द्वारा आयोजित महिला मानवाधिकार प्रतिरक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर वन विद्यालय के सभागार मे आयोजित कार्यक्रम को आईएफएस अधिकारी पंकज राजपूत,जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष आशुतोष द्विवेदी,अग्नि के राष्ट्रीय संयोजक आनंद मोहन मिश्र, नगर पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर, श्रीमती करमजीत कौर ने भी संबोधित किया।

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