'आईएसटी' बदलाव से क्‍या होगी अधिक ऊर्जा की बचत

नई दिल्‍ली। खबर है की मानव संसाधन विकास मंत्रालय को पत्र लिखकर ऊर्जा मंत्रालय ने जानना चाहा है की क्या इंडियन स्‍टैंडर्ड टाइम 'IST' की शिफ्टिंग से अत्यधिक ऊर्जा की बचत की जा सकती है. ऐसा अंदेशा है की  आईएसटी (भारतीय मानक समय) को आधा घंटा पहले करने से होने वाले फायदे को लेकर देश में आम सहमति बढ़ रही है, तथा ऊर्जा मंत्रालय ने जानना चाहा है कि क्‍या स्‍कूल और शैक्षणिक संस्‍थाओं के समय में बदलाव करने से अधिक ऊर्जा की बचत की जा सकती है। व इस पर नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ एडवांस स्‍टडीज (एनआईएएस) ने अपनी रिपोर्ट में दोहराया है की यदि (भारतीय मानक समय) को एक घंटे आगे बढ़ा दिया जाए, तो इससे अधिक फायदे नहीं होंगे व ऐसा होने के बाद देश के पश्‍िचमोत्‍तर हिस्‍से से जाड़ों के महीने में शिकायतें आएंगी कि वहां सूर्योदय देर से हो रहा है. इसी तरह से इंस्‍टीट्यूट ने श्रीलंका का उदाहरण देते हुए कहा की वहां पर जहां शिफ्ट एक घंटा पहले करने का नतीजा अच्‍छा नहीं मिला और शिफ्ट को आधे घंटे पहले किया गया। 

नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ एडवांस स्‍टडीज ने इस पर कहा की अगर भारतीय मानक समय को आधा घंटा पहले करने से ग्रीनविच मीन टाइम से हम छह घंटा आगे हो जाएंगे, जबकि वर्तमान में हम उससे 5.30 घंटे ही आगे हैं. व आगे कहा की अगर बात ऊर्जा बचत की है तो ऐसा करने से सालाना करीब 2.1 अरब किलो वॉट ऑवर्स (KWhs) यूनिट्स की बचत होगी तथा रोजाना के हिसाब से करीब  57 लाख KWhs यूनिट्स की बचत. तथा इसके लिए सचिवो की एक बैठक अप्रैल में हुई थी व उसमे तय हुआ था की नै टाइमिंग के लिए विभिन्‍न मंत्रालयों और राज्‍य सरकारों व विज्ञान विभाग के साथ महत्वपूर्ण विचार विमर्श किया जाएगा. 

 

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