चंद्रयान 2 की लॉन्चिंग के लिए तैयार ISRO, सामने रहेगी ये चुनौतियाँ

Jul 21 2019 03:48 PM
चंद्रयान 2 की लॉन्चिंग के लिए तैयार ISRO, सामने रहेगी ये चुनौतियाँ

नई दिल्‍ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने चंद्रयान-2 को ले जाने वाले रॉकेट जीएसएलवी मार्क-III (GSLV MK-III) का पूर्वाभ्यास पूरा कर लिया है। ‘बाहुबली’ नाम के इस रॉकेट से चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को दोपहर 2:43 बजे प्रक्षेपित किया जाएगा। पहले 15 जुलाई को चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग की जानी थी, लेकिन समय रहते ही तकनीखी खामी के पता चलने की वजह से इसे टाल दिया गया था। 

इसरो के पूर्व प्रमुख ए.एस. किरण कुमार ने जानकारी देते हुए बताया है कि परीक्षण के दौरान हमारे सामने एक खामी आई थी, जिसे अब दूर कर लिया गया है। अब हम चांद पर जाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वहीं इसरो चीफ के सिवान ने बताया है कि चंद्रयान-2 की शाम से उल्‍टी गिनती शुरू हो जाएगी। यह आगामी दिनों में कई कड़ी चुनौतियों का सामना करेगा। 

उन्होंने कहा कि चंद्रयान-2 प्रौद्योगिकी में अगली छलांग है क्योंकि इसरो इसे चांद के दक्षिणी ध्रुव के निकट सॉफ्ट लैंडिंग कराने की कोशिश कर रही है। सॉफ्ट लैंडिंग बेहद कठिन होती है। लैंडिंग के दौरान यह तक़रीबन 15 मिनट तक खतरे का सामना करेगा। स्वदेशी तकनीक से बनाए गए चंद्रयान-2 में कुल 13 पेलोड हैं। इनमें पांच पेलोड भारत के, तीन यूरोप के, दो अमेरिका के और एक बुल्गारिया का हैं। आठ पेलोड ऑर्बिटर में, तीन लैंडर विक्रम में जबकि दो रोवर प्रज्ञान में मौजूद हैं।  

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