आप ने जिस से दोस्ती की है वो सच्चा है या झूठा?

आप ने जिस से दोस्ती की है वो सच्चा है या झूठा?

सोशल मीडिया के क्रेज़ के चलते आज दोस्त शब्द काफी आम हो गया है. आज दोस्त सिर्फ हमारे फ़ोन की कांटेक्ट लिस्ट में एक नाम बन कर रह गए है. दोस्ती अब दो भागो में बट गई हैं. एक असल जिंदगी के दोस्त और दूसरे ऑनलाइन दुनियां के दोस्त. लेकिन इन में से आप का सच्चा दोस्त कौन हैं? कौन हैं वो जो अपने किसी निजी फायदे के लिए आप से दोस्ती नहीं कर रहा. बल्कि आप के साथ के लिए आप के साथ बना हुआ हैं. आखिर कैसे पहचाने कि आपने जिस से दोस्ती की है वो आपका सच्चा दोस्त है या झूठा? आइए जानते हैं.

सिर्फ सुख में ही नहीं दुःख में ही आपका साथी हो:

आप ने गौर किया होगा कि जब आप अपने जन्मदिन की पार्टी देते हैं तो आप के ईद गिर्द कई लोग मंडराते रहते हैं. लेकिन जब आप के ऊपर दुःख के बादल बरसते हैं और आप को मदद की जरूरत होती हैं तो इन मंडराते दोस्तों की संख्या सिमट कर काफी छोटी हो जाती हैं. याद रहे एक सच्चा दोस्त वही होता हैं जो आप की जिंदगी के खुशनमा पलो में ही नहीं बल्कि दुःख भरे पलों में भी साथ दे. आपके बुरे समय में आप के लिए उपायों का रास्ता दिखाए.  

आप के साथ कंधे से कन्धा मिलकर खड़ा रहे:

आप किसी ट्रिप पर जा रहे हो, या किसी के साथ आप का पंगा हुआ हो या किसी को मानना हो. ये सच्चा दोस्त हर दम आप के साथ खड़ा रहेगा. और आप को गाइड भी करेगा. क्योंकि एक सच्चा दोस्त आप की जिंदगी के यादगार लम्हों में खुद को सदा देखना चाहेगा.

आप को दूसरे के साथ देख जलन हो:

चाहे रिस्ता दोस्ती का हो या प्यार का. जलन एक ऐसी चीज होती हैं जो ये साबित कर देती हैं की सामने वाला आप को कितना चाहता हैं. वो आपको किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहता. वो चाहता हैं की आप की बेस्ट फ्रेंड की लिस्ट में वो सदा ऊपर ही बना रहे. तो अगली बार आप को जानना हो की की आप का दोस्त सच्चा दोस्त हैं या नहीं तो आप उसके सामने अन्य लोगो के साथ समय बिता कर उसके जलन के स्तर को जान सकते हैं.

दोस्ती के पीछे कोई स्वार्थ तो नहीं:

कई बार लोग इसलिए दोस्ती कर लिया करते है क्योंकि उन्हें लगता है कि आगे चल कर वो आपका फायदा उठा सकते है. वो आपको इस्तेमाल करना चाहते है. इसलिए जब भी कोई आगे रह कर आप से दोस्ती का हाथ बढ़ाए तो यह पक्का कर ले कि वह बिना किसी स्वार्थ के आप से दोस्ती करना चाहता है.