आईओसी और एयर इंडिया के बीच का गतिरोध खत्म, इस कारण था मतभेद

एयर इंडिया और पेट्रोलियम कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेश लिमिटेड (आईओसी) के बीच बिलों के भुगतान संबंधी गतिरोध अब खत्म हो गया है। बिल के भुगतान न होने के कारण आईओसी ने ईंधन की आपूर्ति रोक देने की धमकी दी थी। बीती रात को विमानन मंत्रालय के अधिकारी के साथ बैठक के बाद मामले को सुलझा लिया गया और  अब आईओसी एयर इंडिया को ईंधन की आपूर्ति सुचारू रूप से करेगा। 

एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि, 'विमानन मंत्रालय के साथ एक बैठक के बाद मामले को हल कर लिया गया है।' नगद संकट से जूझ रही एयरलाइन को बकायों का भुगतान करने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पिछले साल जब सरकार एयरलाइन की 76 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचना चाहती थी तो इसपर 54,000 करोड़ रुपये की देनदारी थी।

सरकार ने तब एक एसपीवी- एयर इंडिया एसेट होल्डिंग्स में लगभग 29,000 करोड़ रुपये का कार्यशील पूंजी ऋण निर्गत किया था। एयर इंडिया पर पेट्रोलियम कंपनियों और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) समेत कई का बहुत पैसा बकाया है। कंपनी को रोजाना 15 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है।

सूत्र के अनुसार, आईओसी ने बकाए का भुगतान नहीं होने पर मंगलवार शाम चार बजे से पटना, पुणे, चंडीगढ़, कोचीन, विशाखापट्टनम और रांची जैसे कुछ हवाई अड्डों पर ईंधन की आपूर्ति बंद करने की धमकी दी है।' सूत्र ने बताया था कि अगर पेट्रोलियम कंपनी अपने नोटिस पर अमल करती है तो इन हवाई अड्डों पर से परिचालित होने वाली उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं।

सूत्र ने कहा था कि इंडियन ऑयल के नोटिस को देखते हुए एयर इंडिया ने अपने चालक दल और प्रेषक को स्थिति सामान्य नहीं होने तक अगले क्षेत्र के लिए ईंधन लेकर चलाने के निर्देश दिए थे।

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