हिंदी सिनेमा की महिला निर्देशकों ने परदे पर दिखाया महिलाओ का दर्द

8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women's Day) है। इसके अलावा आपको बता दें की सालों से दुनियाभर के लोग महिला दिवस मनाते आ रहे हैं।वहीं  यह एक ऐसा दिन है जब महिलाएं अपनी आजादी का जश्न खुलकर मना सकती हैं। वहीं बॉलीवुड में भी इस दिन को बेहद खास तरीके से मनाया जाता है। इसके अलावा इस अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women's Day) आइए आपको बताते हैं|  उन महिला निर्देशकों (Women Dirctors) की जिन्होंने बेहद शानदार फिल्में निर्देशित की हैं। वहीं 1926 से 2020 के बीच 94 साल बीत चुके हैं, परन्तु बॉलीवुड में महिला निर्देशकों की गिनती उंगलियों पर की जा सकती है।

मीरा नायर
डायरेक्टर मीरा नायर अपनी बेबाक राय के लिए जानी जाती हैं, जिसकी झलक उनकी फिल्मों में भी देखने को मिलती है। मीरा ने 'सलाम बॉम्बे' और 'मॉनसून वेडिंग' जैसी फिल्में बनाई हैं।वहीं  'सलाम बॉम्बे' भारत की ओर से ऑस्कर के लिए बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज कैटेगरी में भेजी गई दूसरी फिल्म थी। वहीं मीरा ने हॉलीवुड फिल्में जैसे Amelia, Queen of Katwe, The Namesake जैसी फिल्में डायरेक्ट की हैं।

फातिमा बेगम
बॉलीवुड की पहली महिला फिल्म निर्देशक थी फातिमा बेगम। इसके साथ ही 1926 में उन्होंने फिल्म 'बुलबुल ए परिस्तान' का निर्देशन किया था। उस वक्त एक खास तबके की महिलाएं ही आगे बढ़ पाती थीं।

लीना यादव
लीना यादव हिंदी सिनेमा की बेहतरीन निर्देशक हैं। उन्होंने "शब्द", "तीन पत्ती" और "पार्च्ड" फिल्मों का निर्देशन किया है। इसके साथ ही "पार्च्ड" को टोरंटो फिल्म फेस्टिवल में काफी सराहना मिली है। फिल्म बाल विवाह, पितृ सत्तात्मक परिवारों, रूढ़िवादी परंपराओं और मैरिटल रेप जैसे विषयों पर आधारित थी।  

अश्विनी अय्यर तिवारी
निर्देशक अश्विनी अय्यर तिवारी को 2017 में उनकी फिल्म 'निल बटे सन्नाटा' के लिए फिल्म फेयर सर्वश्रेष्ठ (डेब्यू) निर्देशक का अवॉर्ड मिला है। इसके अलावा उन्होंने बरेली की बरफी और पंगा जैसी फिल्मों का भी निर्देशन किया है। 

गौरी शिंदे
'इंग्लिश- विंग्लिश' और 'डियर ज़िंदगी' जैसी फिल्मों के साथ अपने निर्देशन, लेखन और सोच का लोहा मनवा चुकी हैं। वहीं उनकी दोनों ही फिल्मों ने महिलाओं के विषय को संजीदगी से उठाया और उन्हें 2012 में फिल्म फेयर का बेस्ट फिल्म निर्देशक (डेब्यू) का सम्मान भी मिला।

जोया अख्तर 
सिनेमा पर अच्छी पकड़ बना चुकी जोया अख्तर ने 'लक बाय चांस' और 'जिंदगी मिलेगी ना दोबारा' जैसी हिट फिल्मों का निर्देशन किया। वहीं आज इन्हें बॉलीवुड में एक सफल महिला निर्देशक के रूप में जाना जाता है। इसके साथ ही आखिरी बार उन्होंने गली ब्वॉय और का निर्देशन किया था। जिसे भारत की तरफ से ऑस्कर के लिए भेजा गया था। 

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