International Tea Day: भारतीयों की जान है चाय, ना मिले तो सब मर जाए

Dec 15 2019 06:00 AM
International Tea Day: भारतीयों की जान है चाय, ना मिले तो सब मर जाए

चाय, अगर चाय ना होती तो आज हम भी ना होते, चाय का नाम सुनकर एक तलब सी लग जाती है उसे पीने की और चाय के बिना जीवन जीवन नहीं है. सर्दी से लेकर गर्मी, बरसात तक गर्म चाय की चुस्कियां सभी को अच्छी लगती है. ऐसे में अगर थकान मिटानी हो, नींद भगाना हो, खाना पचाना हो, ठंड भगाना हो, सर्दी जुकाम से छुटकारा पाना हो तो चाय का नाम ही सामने आता है और चाय मिलते ही सब दुःख-दर्द भूल जाते हैं. आज के समय में कई परिवारों में सिर दर्द जो होता है वो दवा से नहीं बल्कि चाय से खत्म होता है. वैसे आम लोगों ही नहीं डॉक्टरों के अनुसार भी चाय लाभकारी है.

जी हाँ, चाय में एंटी-ऑक्सिडेंट पॉलीफेनोल होता है जो एक इनफ्लेमेशन फाइटर का काम करता है. ऐसे में आज इंटरनेशनल टी डे है यानी चाय का दिन. वैसे तो चाय के लिए कोई दिन नहीं होता क्योंकि हम भारतीयों के लिए सुबह से लेकर रात तक में चाहे जितनी चाय दे दी जाए हम पी लेंगे. वैसे चाय के भी कई फ्लेवर होते हैं जिनमे ग्रीन टी, ब्लैक टी और नार्मल टी सबसे बेहतरीन मानी जाती है और बहुत कम लोग जानते हैं कि विभिन्न प्रकार के 15 अध्ययनों में पाया गया कि जो लोग 12 सप्ताह से अधिक समय तक दिन में दो से छह कप ग्रीन टी पीते हैं, उनके शरीर का वजन बाकी लोगों से कम होता है.

जी हाँ, इसी के साथ 40,000 से अधिक वयस्कों पर हुए एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि नियमित रूप से चाय का सेवन हृदय रोग, स्ट्रोक और कुछ प्रकार के कैंसर से दूर रखता है. जी हाँ, कहते हैं जिन प्रतिभागियों ने प्रतिदिन पांच या अधिक कप ग्रीन टी पी थी, उनमें हार्ट अटैक का जोखिम 16% कम पाया गया. वहीं ग्रीन टी से डायबिटीज की जटिलताओं को कम करने में मदद मिलती है और चाय इन्सुलिन संवेदनशीलता में सुधार कर सकती है, अग्नाशय की कोशिकाओं को क्षति से बचा सकती है, और सूजन को कम कर सकती है और इसका फायदा डायबिटीज में मिलता है. इसके अलावा भी चाय के कई फायदे हैं जो आपको हैरान कर सकते हैं.

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