दो अस्पताल व पुलिस की लापरवाही से गई इस शख्स की जान

Jan 08 2016 05:15 AM
दो अस्पताल व पुलिस की लापरवाही से गई इस शख्स की जान

इंदौर : इंदौर में एक युवक जो की 31 दिसंबर की रात पार्टी से घर लौट रहा था तो रास्ते में वह जख्मी हालत में पड़ा हुआ था तथा इस दौरान पुलिस उसे निजी अस्पताल ले गए। परिजन से संपर्क न होने पर निजी अस्पताल ने पल्ला झाड़ते हुए उसे एमवायएच भेज दिया। एमवायएच में भी उसकी सुध किसी ने नही ली व उसकी मौत हो गई. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस मामले में ज्ञात हुआ है की विजयनगर इलाके के एक निजी अस्पताल, विजयनगर पुलिस और एमवायएच की लापरवाही से एक परिवार को अपने इस होनहार बेटे की जान से हाथ धोना पड़ा।

बता दे की इस युवक का नाम भागीरथपुरा निवासी कंसल्टेंट सौरभ सूर्यवंशी (30) है जो की 31 दिसंबर की रात पार्टी से अपने घर की और लौट रहा था तभी रास्ते में सौरभ जख्मी हो गया। इस दौरान जख्मी सौरभ को पुलिसकर्मी उसे निजी अस्पताल ले गए। परिजन से संपर्क न होने पर निजी अस्पताल ने पल्ला झाड़ते हुए उसे एमवायएच भेज दिया। तथा सौरभ के जेब में से पुलिस ने मोबाइल फोन व पर्स थाने में जमा करा दिया तथा यहां उसने अज्ञात में एंट्री करवा दी, जबकि तब तक सौरभ की शिनाख्त हो चुकी थी। उधर, कैज्युअल्टी से सौरभ गायब हो गया। सिपाही ने पर्स और मोबाइल थाने में जमा करवाया, तब तक पुलिसकर्मी उसकी बाइक भी थाने में रखवा चुके थे।

अगर इस दौरान पुलिस वाले सौरभ की बाइक का नंबर ही टटोल लेते तो उसके परिजनों से संपर्क हो जाता. सौरभ सूर्यवंशी इस दौरान एमवाय में तीन दिनों तक इसी प्रकार से जख्मी हालत में भटकता रहा परन्तु उस दौरान भी किसी ने उसकी सुध नही ली. परिवार वाले अगले ही दिन से उसे ढूंढते रहे, लेकिन बेटा तब मिला जब उसका पोस्टमॉर्टम हो चुका था। सौरभ के परिवार वाले उसे इस दौरान लगातार फोन पर फोन लगाते रहे परन्तु थाने में से किसी ने भी फोन नही उठाया. जब सौरभ का भाई उसकी फोटो लोगों को दिखाते हुए खोजबीन करता रहा। तथा उस वक्त वह एमवाय के सामने स्थित पूजा डेरी पर भी गया तो डेरी वाले ने कहा की आपका भाई 3 जनवरी की सुबह फटेहाल घूम रहा था। भाई ने फुटेज देखे, तो सौरभ ही निकला। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वह तीन दिन से एमवायएच के आमने-सामने ही घूम रहा है। बोल नहीं पा रहा था और मुंह सूजा हुआ था। कई जगह चोट के निशान थे। सौरभ का शव देखकर उसके परिवार वाले रो पड़े. इस मामले शरद जैन जो कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री है उन्होंने कहा है कि यह मामला गंभीर है व इस मामले की छानबीन की जा रही है.