मेहंदी से सुसाइड नोट लिख मंदिर मे लगाई फांसी, पंडित को बताया जिम्मेदार

इंदौर : एक युवक ने भगवान के घर को अपना मौत का घर बना लिया। मंगलवार को इस युवक ने फांसी के फंदे से झूलकर आत्महत्या कर ली। लोग जब सुबह भगवान के दर्शन को जा रहे थे तो मंदिर मे उन्हे एक शव लटकता नज़र आया। लोगो ने फ़ोरन थाने मे सूचना दी ओर शव को नीचे उतारा गया। मंगलवार को 21 वर्षीय गजेन्द्र शर्मा ने मंदिर मे फांसी लगाकर अत्महत्या कर ली. बताया जा रहा है की गजेंद्र इसी मंदिर मे पुरोहित बनने की शिक्षा-दीक्षा ले रहा था।

आपको बता दे की युवक ने फांसी लगाने से पहले मौत का जो सुसाइड नोट लिखा वह वाकई अजीब था। उसने अपने हाथ पर मेहंदी से सुसाइड नोट लिखकर मंदिर के पुजारी को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया। जबकि पुरोहित इस बात से पल्ला झाड रहा है। पुलिस सभी मामले पर गुत्थी सुलझाने का प्रयास कर रही है। हाथ पर लिखा था : कौन जीना नहीं चाहता पर मुझे जीने नहीं देते. मल्हारगंज थाने के एसआई श्याम सिंह बहादुर के मुताबिक थाने मे सूचना मिली के एक युवक ने फांसी पर लटक कर जान दे दी है। इसके बाद पुलिस की टीम वहा पहुची और शव को नीचे उतारा गया।

इस दौरान लोगो का ध्यान युवक के हाथ पर गया जिसमे उसने मौत का कारण मंदिर के पुजारी को बताया है। लेकिन सुसाइड नोट देने का जो तरीका था वह अजीबो गरीब था। युवक ने आत्महत्त्या का कारण मेहंदी से अपने हाथ पर लिखा। आपको बता दे की यह पहला मामला है जब किसी मरने वाले ने मेहंदी से सुसाइड नोट लिखा हो।

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